दलितों व गरीबों को छल रही हैं मायावती : माकपा
प्रमुख वामपंथी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि प्रधानमंत्री की कुर्सी पर नजर गड़ाए मायावती भले ही खुद को दलितों का मसीहा बताएं लेकिन लोकसभा चुनाव की आहट के साथ ही वे माफियाओं से हाथ मिलाकर दलितों व गरीबों को छलने की साजिश रच रही हैं।
दरअसल, माकपा के मुखपत्र 'लोकलहर' जिसके संपादक पार्टी के वरिष्ठ नेता व विचारक सीताराम येचुरी हैं, में छपे एक लेख में मायावती के बारे में ये उद्गार व्यक्त किए गए हैं। इस लेख में मायावती पर माफियाओं और अपराधियों से हाथ मिलाने का आरोप लगाया गया और कहा गया है कि मायावती समय रहते यदि नहीं चेतीं तो जनता उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देगी।
माकपा ने इस लेख के माध्यम से मायावती पर राजनीतिक मूल्यों और सिद्धांतों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया है। पार्टी ने कहा है, "बसपा जैसी पूंजीवादी पार्टियां किसी भी कीमत पर कुर्सी हड़पने के लिए अपने राजनीतिक मूल्यों की कुर्बानी के लिए तैयार रहती हैं लेकिन इतिहास गवाह है कि जिसने भी राजनीतिक मूल्यों व सिद्धांतों की अनदेखी की है वह शीघ्र ही पतन का शिकार भी हुआ है।"
इस लेख में मायावती और बसपा के अपराधियों से सांठगांठ, दलितों के साथ ढोंग और राजनीति में माफियाओं व अपराधियों को बढ़ावा देने का न सिर्फ कच्चा चिट्ठा दर्शाया गया है बल्कि राज्य विधानसभा चुनाव के पूर्व उनकी पार्टी द्वारा जंगल राज मिटाने और कानून-व्यवस्था का राज कायम करने के वादे की याद भी दिलाई गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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