किताबों से गहरा लगाव था हिटलर को!
लंदन, 13 जनवरी(आईएएनएस)। दुनिया के सर्वाधिक भयावह नस्लीय नरसंहार के सूत्रधार जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर को किताबों से नफरत के लिए भी जाना जाता है, लेकिन सच यह है कि वह प्रतिबद्घ अध्येता था जिसे रोजाना कम से कम एक किताब पढ़े बगैर मानसिक सुकून नहीं मिलता था। एक नई पुस्तक में इसका उल्लेख किया गया है।
जाने-माने इतिहासकार टिमोथी डब्ल्यू़ रिबैक ने अपनी पुस्तक 'हिटलर प्राइवेट लाइब्रेरी: द बुक्स दैट शेप्प हिज लाइफ' में लिखा है कि हिटलर के पास 16 हजार पुस्तकें थीं और उसे अंग्रेजी साहित्य के महान रचनाकार विलियम शेक्सपियर की रचनाएं काफी पसंद थीं।
इस पुस्तक में लेखक ने लिखा है, "कोई घोर पुस्तक प्रेमी ही इतनी बड़ी संख्या में पुस्तकें रख सकता है। हिटलर के पास विख्यात दार्शनिकों, इतिहासकारों, कवियों, नाट्य लेखकों और उपन्यासकारों की पुस्तकों का विशाल संग्रह था।"
'संडे टाइम्स' में इस पुस्तक के रोचक अंशों को प्रकाशित किया गया है। इसमें लिखा गया है, "हिटलर प्रतिबद्घ अध्येता था। हर रात वह कम से कम एक पुस्तक जरूर पढ़ता था। कई बार तो वह एक से ज्यादा पुस्तके पढ़ डालता था।"
टिमोथी की यह रोचक पुस्तक अगले महीने ब्रिटेन में प्रकाशित होगी। हिटलर की पसंदीदा पुस्तकों में शेक्सपियर की रचना 'हैमलेट' प्रमुख रूप से शामिल थी। इसके अलावा उसे 'डॉन क्विजोट', 'रॉबिंसन क्रूसो', 'अंकल टॉम्स केबिन' और 'गुलीवर्स ट्रेवल्स' भी पढ़ना पसंद था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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