गिलानी ने सबूतों को खारिज किया, चिदंबरम का संबंध तोड़ने की चेतावनी (लीड-3)
इस बीच भारत दौरे पर आए ब्रिटिश विदेशमंत्री डेविड मिलिबैंड ने पाकिस्तान को आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से पूरी सख्ती से निपटने की नसीहत देते हुए हमले के पीछे पाकिस्तान की सरकारी एजेंसियों का हाथ होने के भारत के नजरिये से असहमति प्रकट की है।
गिलानी ने कहा कि भारतीय नेतृत्व अपने यहां की राजनीतिक पार्टियों के साथ ही जनता के भारी दबाव में है। उम्मीद है कि गिलानी बुधवार को संसद में भारत के आरोपों पर कोई नीतिगत बयान देंगे।
राष्ट्रपति जरदारी व अपने बीच उत्पन्न तनावों के बारे में गिलानी ने कहा कि दोनों कार्यालयों के बीच सत्ता संतुलन के बारे में संसद फैसला करेगी।
गिलानी ने कहा कि 17वें संविधान संशोधन को निरस्त करने के लिए विभिन्न पार्टियों द्वारा प्रस्तुत किए गए विधेयकों पर चर्चा के लिए जल्द ही एक समिति गठित की जाएगी।
इस संविधान संशोधन के तहत राष्ट्रपति को संसद भंग करने व सरकार को बर्खास्त करने सहित सेना प्रमुखों की नियुक्ति संबंधी अधिकार प्राप्त हो जाता है।
वहीं गृहमंत्री पी.चिदंबरम ने चेतावनी देते हुए कहा है कि मुंबई हमले की जांच में यदि पाकिस्तान सहयोग करने में विफल रहा तो भारत व्यापार, परिवहन और पर्यटन संबंधों को समाप्त कर उसे शेष दुनिया से अलग थलग कर देगा।
समाचार पत्र 'द टाइम्स' को दिए एक साक्षात्कार में चिदंबरम ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच कई संबंध हैं और यदि उसने मुंबई हमले के दोषियों को पकड़वाने में सहयोग नहीं दिया तो ये संबंध कमजोर होते जाएंगे और एक दिन टूट जाएंगे।
चिदंबरम ने कहा कि पाकिस्तान ने अभी तक मुंबई हमले के संबंध में कोई सहयोग नहीं किया है।
उल्लेखनीय है कि भारत ने पिछले सप्ताह सबूतों के संबंध में दस्तावेज पाकिस्तान को सौंपा था लेकिन पाकिस्तान ने अभी भी कोई जवाब नहीं दिया है।
चिदंबरम ने पाकिस्तान के खिलाफ उठाए जाने वाले कदमों के बारे में कोई चर्चा करने से इनकार कर दिया। गृहमंत्री ने भारत दौरे पर आए ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड को मुंबई हमले की जांच में हुई प्रगति से अवगत कराया।
भारत दौरे पर आए मिलिबैंड ने मुखर्जी के साथ एक साझा प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारत के साथ उसके रिश्ते में तनाव घोलने में लगे तत्वों से निपटने की अहम जिम्मेदारी पाकिस्तान की है। मिलीबैंड ने कहा, "जो लोग मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार हैं उन्हें हर हालत में सजा मिलनी चाहिए। इसके लिए मजबूत इच्छाशक्ति दिखाए जाने की जरूरत है।"
वह भारत के चार दिवसीय दौरे पर आए मिलीबैंड ने इस हमले में पाक सरकार की भूमिका होने की आशंका को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इसमें पाक सरकार की भूमिका है।"
मुंबई हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के संबंध में मिलिबैंड ने परिपक्व ता, बुद्धिमत्ता और सैनिक कार्रवाई के बजाय राजनयिक प्रयासों के प्रति भारतीय प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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