बिहार में चरणबद्ध तरीके से नहीं होगी शिक्षकों की नियुक्ति
सरकार का मानना है कि पुराने शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने तथा नए विद्यालयों के खुलने के कारण अभी राज्य में हर वर्ष शिक्षकों की बहाली की जरूरत होगी।
राज्य के मानव संसाधन मंत्री हरिनारायण सिंह ने सोमवार को बताया कि शिक्षकों की नियुक्ति का दूसरा चरण पूरा हो जाने के बाद राज्य में प्रारंभिक, माध्यमिक तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक-विद्यार्थी के आदर्श अनुपात का लक्ष्य लगभग पूरा हो जाएगा।
शिक्षक नियुक्ति का दूसरा चरण पूरा हो जाने के बाद अधिकांश प्रारंभिक विद्यालयों में 40 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक तथा माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में 60 विद्यार्थियों पर एक-एक शिक्षक होगा।
मंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षो में राज्य में बड़े पैमाने पर प्रारंभिक विद्यालय खोले जाने हैं। इसके अलावा माध्यमिक विद्यालयों को उच्च विद्यालयों तथा उच्च विद्यालयों को उच्चतर विद्यालयों में विकसित किया जाना है।
सिंह के अनुसार जैसे-जैसे विद्यालय खुलते जाएंगे, जरूरत के मुताबिक शिक्षकों की बहाली की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी चार-पांच वर्षो तक प्रतिवर्ष 15 से 16 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने दो वर्ष पूर्व प्रथम चरण में प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के लिए 136,000 शिक्षकों की नियुक्ति की थी। द्वितीय चरण में प्रारंभिक, माध्यमिक तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के लिए 93,000 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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