अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार संगठन ने श्रीलंकाई संपादक की हत्या पर रोष जताया
संगठन ने श्रीलंका सरकार से पत्रकारों की जान की हिफाजत के लिए कदम उठाने की अपील की। टोरंटो स्थित इस संगठन की भारतीय इकाई ने कहा कि किसी भी मर्यादित लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे जघन्य कार्य के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। संगठन द्वारा जारी बयान में कहा गया है, "जो लोग इस घटना के लिए जिम्मेवार हैं उन्हें निश्चित तौर पर सजा मिलनी चाहिए। मीडिया लोकतंत्र का प्रमुख स्तंभ है, उसे बेखौफ काम करने की इजाजत दी जानी चाहिए।"
ब्यान में कहा गया है, "विक्रमसिंघा निडर पत्रकार थे। वह कठिन से कठिन दौर में भी वास्तविकताओं से अवगत कराने में सक्षम थे। उनकी गिनती उन पेशेवर पत्रकारों में होती थी जो पूरी प्रतिबद्घता के साथ बदलते घटनाक्रम के सच से रू-ब-रू कराते रहे हैं।"
संगठन ने कहा कि लसांथा के अखबार ने सरकारी सौदों की गहन पड़ताल की थी, इसलिए उन्हें सरकार विरोधी माना जाता था। इधर, राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने संपादक की हत्या की निंदा की है। उन्होंने एक बयान में इस कांड को जघन्य करार दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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