'भारतेंदु हरिशचंद्र पुरस्कार की धनराशि बढ़ाई जाएगी'
नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। सूचना और प्रसारण एवं विदेश राज्य मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है कि हिंदी एक शक्ति है जो संपूर्ण राष्ट्र को जोड़ती है और न सिर्फ अपनी भाषा के विकास बल्कि राष्ट्र के गौरव के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हिंदी के संवर्धन में अपने योगदान के लिए भारतेंदु पुरस्कार की धनराशि को बढ़ाए जाने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
भारतेंदु हरिशचंद्र पुरस्कार 2006 को प्रदान करने और इंडिया 2009 और भारत 2009 को राष्ट्र को समर्पित करने के अवसर पर अपने संबोधन में शर्मा ने कहा कि भारत के प्रति बढ़ते हुए लगाव से भारतीय भाषाओं और उनके साहित्य के प्रति भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रुझान बढ़ रहा है। ऐसे परिदृश्य में, हिंदी एक गौरवपूर्ण स्थान रखती है और इसके विकास के लिए जो कुछ भी संभव हो किया जाना चाहिए।
आनंद शर्मा ने कहा कि भारतेन्दु हरिशचंद्र ने न सिर्फ आधुनिक हिन्दी की आधारशिला रखी बल्कि जैसा कि हम आज देखते हैं, उस भाषा के विकास के लिए प्रारंभिक प्रेरणा भी प्रदान की। उनकी चिन्ताएं ना सिर्फ पूर्णत: साहित्य के प्रति थी बल्कि उन्होंने इसमें समाजिक बुराइयों और महिलाओं के अधिकार जैसे विभिन्न अत्यावश्यक मुद्दों को भी जोड़ा। शर्मा ने इस तथ्य का भी संकेत दिया कि राष्ट्रीय एकता श्रेणी में पुरस्कार के लिए किसी प्रविष्टि को उपयुक्त नहीं पाया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications