माओवादियों ने पशुपतिनाथ विवाद के लिए कट्टरपंथियों को दोषी ठहराया
काठमांडू, 3 जनवरी (आईएएनएस)। नेपाल में सत्तारूढ़ माओवादियों ने पशुपतिनाथ मंदिर के तीन पुजारियों को हटाए जाने को लेकर पैदा हुए विवाद के लिए हिंदू कट्टरपंथियों को जिम्मेवार ठहराया है। वे इसे भारत-नेपाल रिश्ते को बिगाड़ने की साजिश मानते हैं।
माओवादी सांसद दीनानाथ शर्मा, जो अपने संगठन के प्रवक्ता भी हैं, ने कहा कि हिंदू कट्टरपंथी और पुरातनपंथी इस विवाद के लिए जिम्मेवार हैं। उन्होंने बागलुंग जिले में एक कार्यक्रम में कहा, "इस दुष्प्रचार के पीछे भारत-नेपाल रिश्ते को बिगाड़ने का उद्देश्य छिपा है। ऐसा कर यह साबित करने की भी कोशिश की जा रही है कि माओवादी सरकार धार्मिक मामलों में दखल दे रही है।"
यह पहला मौका है जब इस मंदिर से जुड़ा कोई विवाद अदालत में गया है। पिछले रविवार को मंदिर प्रशासन ने तीन भारतीय पुजारियों को बर्खास्त कर दिया था। इन पुजारियों की नियुक्ति एक दशक पहले हुई थी। उनकी जगह दो नेपालियों को पुजारी नियुक्त किया है। इस घटनाक्रम के पीछे माओवादियों की भूमिका होने का आरोप लग रहा है।
एक सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक भरत जंगम ने अदालत में याचिका दायर की है जिसमें कहा गया है कि माओवादियों की ओर से इस मंदिर पर नियंत्रण कायम करने की कोशिश हो रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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