बदलाव के पैरोकार ओबामा का मंत्रिमंडल है
अरुण कुमार
वाशिंगटन, 2 जनवरी(आईएएनएस)। बदलाव का नारा बुलंद कर अपने पक्ष में जनादेश हासिल करने वाले बराक ओबामा ने अपने मंत्रिमंडल को विविधतापूर्ण बनाने की भरसक कोशिश की है। वह 20 जनवरी को सत्ता की कमान थामेंगे।
ओबामा का मंत्रिमंडल बहुलवादी अमेरिकी समाज का आइना कहा जा सकता है। इसमें दो रिपब्लिकन, पांच महिलाएं, तीन हिस्पेनिक, तीन अमेरिकी अफ्रीकी, दो एशियाई अमेरिकी और अरब मूल का एक अमेरिकी शामिल है। व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति की हैसियत से पहुंचने वाले प्रथम अफ्रीकी अमेरिकी होने का रिकार्ड अपने नाम करने वाले ओबामा ने राजनीतिक सदाशयता और दूरदर्शिता का परिचय देते हुए हिलेरी क्लिंटन को विदेश मंत्री बनाया है।
ओबामा ने राष्ट्रपति जार्ज बुश के रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स को अपनी टीम में जगह देकर यह संदेश दिया है कि इराक और अफगानिस्तान उनके एजेंडे में प्रमुखता से शामिल होंगे। ओबामा ने अपने 43 पूर्ववर्तियों की तुलना में मंत्रिमंडल के गठन में काफी कम समय लिया।
नए राष्ट्रपति ने कैबिनेट को विविध रूप देकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह सामाजिक समरसता को उच्च प्राथकिता दे रहे हैं। उनके एजेंडे में दक्षिण एशिया प्रमुखता से शामिल है। हिलेरी को एक ऐसी हस्ती के तौर पर देखा जाता है जिनकी दक्षिण एशिया के कूटनीतिक परिदृश्य पर गहरी पकड़ है। मुंबई की आतंकी घटना ने हिलेरी की चुनौती और बढ़ा दी है।
अर्थव्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपनी मंशा के मुताबिक उन्होंने आर्थिक विशेषज्ञ टिमोथी गीथनर को वित्त मंत्रालय की कमान सौंपी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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