भाजपा अध्यक्ष के रूप राजनाथ ने पूरे किए तीन साल
अटल बिहारी वाजपेयी 1980 से 1986 तक और आडवाणी मई 1986 से 1991 और जुलाई 1993 से मई 1998 तक पार्टी के अध्यक्ष रहे।
बतौर अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की। गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तरांचल, बिहार, कर्नाटक, पंजाब, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर में पार्टी को मिली शानदार जीत का सेहरा भी उनके सिर बंधा। हालांकि उत्तरप्रदेश विधानसभा के चुनाव के नतीजों ने उनकी फजीहत भी कराई क्योंकि उत्तरप्रदेश उनका गृह राज्य है।
जिन्ना प्रकरण के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दबाव में आडवाणी को अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद पार्टी की कमान राजनाथ को सौंपी गई थी। धोती कुर्ता पहनने वाले और ठेठ देहाती और किसान से दिखने वाले राजनाथ जब पार्टी के अध्यक्ष बने तो राजनीतिक विश्लेषकों तक ने यह अंदाजा नहीं लगाया था कि वे अटल, आडवाणी के बाद दूसरी पांत के नेताओं में सबसे आगे निकल जाएंगे।
बहरहाल, वर्ष 2009 में लोकसभा के चुनाव होने हैं और इन चुनावों में भाजपा को सबसे बड़े दल के रुप में उभारना और सत्ता तक पहुंचाना राजनाथ के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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