भारत के साथ युद्ध का सवाल नहीं : गिलानी (राउंडअप)
इस्लामाबाद, 25 दिसम्बर (आईएएनएस)। पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तानी नेताओं के युद्ध को हवा देने वाले बयान के बाद गुरुवार को अचानक प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि पड़ोसी देश के साथ 'जंग का सवाल' ही नहीं पैदा होता।
पाकिस्तान ने हालांकि उसी समय लाहौर में आतंकी हमले के सिलसिले में एक 'भारतीय जासूस' को गिरफ्तार करने का दावा भी किया।
उधर, क्रिसमस के दिन यहां के समाचार पत्रों ने भारतीय प्रधानमंत्री के मंगलवार को दिए उस बयान को प्रमुखता से छापा जिसमें उन्होंने कहा था कि 'सवाल युद्ध का नहीं है'। हालांकि भारत ने मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों के लिए पाकिस्तानी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया है।
इस बीच यहां पत्रकारों से बातचीत में गिलानी ने कहा, "जंग का कोई सवाल ही नहीं है।" हालांकि गिलानी ने विश्व समुदाय से अपील की कि वह मुंबई पर हुए हमलों के बाद पड़ोसी देश के साथ रिश्तों में आए तनाव को कम करने के लिए भारत पर दबाव डाले।
गिलानी ने कहा, "हमारा भारत के साथ अच्छा संबंध है। मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि हम भारत के साथ बेहतरीन संबंध चाहते हैं। हम भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहते हैं।"
उधर, पाक ने लाहौर में हुए विस्फोट में कथित संलिप्तता के सिलसिले में एक भारतीय जासूस को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि गिरफ्तार भारतीय नागरिक ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग में लगभग तीन वर्षो तक काम कर चुका है। अधिकारी ने कहा कि भारतीय नागरिक को खुफिया एजेंसी की सूचना पर गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी के अनुसार गिरफ्तार भारतीय नागरिक का नाम सतीश आनंद शर्मा है। वह पिछले एक वर्ष से मुनीर अहमद के नाम से लाहौर में रहता था।
अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान भारतीय नागरिक ने विस्फोट में शामिल होना स्वीकार किया है। अधिकारी ने कहा कि भारतीय नागरिक भारतीय खुफिया एजेंसी के आदेश पर काम कर रहा था।
हालांकि अभी तक भारतीय नागरिक की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पाक अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच होने के बाद ही इस संबंध में विस्तृत जानकारियों को सार्वजनिक किया जाएगा।
अधिकारी ने बताया, "विस्फोट में अपनी भूमिका कबूलने के अलावा उसने अपने तीन अन्य साथियों के पाकिस्तान में किसी जगह पर छुपे होने की सूचना भी दी है।"
पुलिस ने कहा है कि गिरफ्तार भारतीय नागरिक केकब्जे से जाली पहचान पत्र, चिट्ठियां और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
लाहौर में बुधवार सुबह हुए विस्फोटों में एक महिला की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए थे।
इस बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध की संभावना से इंकार करने संबंधी बयान को पाकिस्तानी मीडिया ने काफी सराहा है। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि आतंकवादी हमले के बाद भारत का रुख कड़ा हुआ है।
समाचार पत्र 'डॉन' ने अपने संपादकीय में लिखा है कि मनमोहन सिंह के मंगलवार के 'दोनों पड़ोसी देशों के बीच युद्ध का सवाल ही नहीं उठने' संबंधी बयान ने पूर्वी सीमा पर बढ़ते तनाव के बाद पैदा हुई युद्ध की आशंका को कुछ कम कर दिया है।
'डेली टाइम्स' के अनुसार विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी की चेतावनी के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारतीय प्रतिक्रिया का रुख दूसरी ओर मोड़ दिया है। मुखर्जी ने भारत द्वारा पाकिस्तान को सौंपी गई आतंकवादियों की सूची पर कार्रवाई नहीं होने की सूरत में एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
समाचार पत्र 'द न्यूज' में भारत के कड़े रवैये को नासमझी बताते हुए सुरक्षा विश्लेषक नसीम जेहरा ने लिखा है कि भारत का यह सोचना गलत है कि वह 9/11 के हमले के बाद अमेरिका की तरह आतंकवाद की समस्या से निपट सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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