मुंबई हमला : मेजर संदीप उन्नीकृष्णन को हजारों लोगों ने दी अंतिम बिदाई
बेंगलुरू, 29 नवंबर (आईएएनएस)। मुंबई आतंकी हमले में मारे गए मेजर संदीप उन्नीकृष्णन को अंतिम बिदाई देने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग 'मेजर संदीप अमर रहे' का नारा लगा रहे थे।
मेजर संदीप को शनिवार को चिता के हवाले किया गया।
हेब्बाल स्थित विद्युत शवदाह गृह के अंदर संदीप के माता-पिता व अन्य पारिवारिक सदस्यों तथा सैन्यकर्मियों को ही जाने की इजाजत थी।
इस अवसर पर संदीप के माता-पिता के. उन्नीकृष्णन व मां धनलक्ष्मी को शहीद संदीप की सैन्य वर्दी भेट की गईं। मां-बाप से संदीप की अंतिम बातचीत 26 नवंबर को हुई थी।
धार्मिक औपचारिकताओं के बाद शहीद बेटे का शव जैस ही चिता पर रखा गया शोकसंतप्त माता-पिता की आंखों में आंसू छलक पड़े।
संदीप भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) के सेवानिवृत्त अधिकारी के. उन्नीकृष्णन के इकलौते बेटे थे।
इसके पहले संदीप का शव सेना के एक सुसज्जित ट्रक में आगे-आगे चल रहा था और सैकड़ों की शोकसंतप्त भीड़ पीछे-पीछे चल रही थी।
उन्नीकृष्णन के आवास व श्मशान के बीच चार किलोमीटर लंबे रास्ते पर श्रद्धांजलि देने वाले सैकड़ों लोग कतारबद्ध खड़े थे।
मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा, उनके मंत्रिमंडल के कई सदस्यों व भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) महासचिव सांसद एच.एन. अनंत कुमार ने शहीद मेजर संदीप के शव पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी।
शहीद संदीप का शव शुक्रवार को देर रात्रि मुंबई से बेंगलुरू लाया गया था। शव को यहां येलहांका स्थित उनके आवास पर आम जनता के दर्शनार्थ रखा गया था।
शुक्रवार की देर रात्रि संदीप के पिता के. उन्नीकृष्णन ने पत्रकारों से कहा था, "मैंने अपने बेटे को खो दिया, लेकिन मुझे गर्व है कि वह देश के काम आया।''
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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