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नम आंखों से दी गई शहीदों को बिदाई (राउंडअप)

By Staff
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मुंबई/बेंगलुरू/नई दिल्ली, 29 नवंबर (आईएएनएस)। मुंबई में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए अपनी जान न्यौछावर करने वाले हेमंत करकरे, संदीप उन्नीकृष्णन और गजेंद्र सिंह को अंतिम विदाई देते वक्त सभी की आंखें नम थीं। हर कोई इन जांबाज शहीदों को आखिरी सलाम देना चाहता था।

शनिवार को सूकून देने वाली बात यह थी कि सुरक्षाकर्मियों ने सभी आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। इसके साथ ही गमगीन कर देने वाला माहौल मुंबई, बेंगलुरू और दिल्ली में था।

आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के प्रमुख शहीद करकरे को अंतिम बिदाई देने के लिए मुंबई के दादर इलाके में जनसैलाब उमड़ पड़ा। उनको श्रद्धांजलि देने के लिए राज्य के वरिष्ठ राजनेता और आला अधिकारी मौजूद थे। मुंबई पुलिस का हर जवान अपने इस जांबाज अधिकारी को सलाम कर रहा था।

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कमांडो शहीद मेजर संदीप का पार्थिव शरीर उनके गृह नगर बेंगलुरू पहुंचा तो वहां का हर बाशिंदा उनके घर की ओर चल पड़ा। उनको श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों की कतार लग गई और लोगों ने इस वीर को आंखों में आंसू लिए हुए अंतिम विदाई दी।

सबसे भावुक क्षण वह था जब संदीप की मां अपने शहीद बेटे को अंतिम बार देख रही थीं। उस क्षण हर किसी की आखों में आंसू आ गए।

सेना के एक ट्रक में मेजर संदीप का शव जब अंतिम संस्कार के लिए श्मशान की ओर बढ़ा तो स्कूली वर्दी में सैकड़ों विद्यार्थियों, युवाओं, बुजुर्ग महिलाओं व पुरुषों का हुजूम उनके साथ हो लिया।

एनएसजी के महानिदेशक जे.के. दत्त के अनुसार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सेवानिवृत्त अधिकारी के. उन्नीकृष्णन के इकलौते बेटे मेजर संदीप गुरुवार को ताज होटल में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान बुरी तरह घायल हो गए थे। शुक्रवार को उनकी मृत्यु हो गई।

संदीप के पिता के. उन्नीकृष्णन ने शुक्रवार की देर रात्रि पत्रकारों से कहा , "मैंने अपने बेटे को खो दिया, लेकिन हमें गर्व है कि वह देश के काम आया। ''

नई दिल्ली में शहीद एनएसजी कमांडो हवलदार गजेंद्र सिंह को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), सेना और अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

30 वर्षीय गजेंद्र का पार्थिव शरीर शनिवार को इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के करीब महराम नगर स्थित एनएसजी के मुख्यालय लाया गया।

तिरंगे में लिपटे गजेंद्र के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए एक विशेष विमान के जरिए देहरादून ले जाया गया।

एनएसजी, सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के निदेशक विक्रम श्रीवास्तव, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा संसद सदस्य नवीन जिंदल ने भी गजेंद्र को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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