ज्यादा महिलाओं के काम करने से बढ़ेगा भारत का जीडीपी
चेन्नई, 22 नवंबर (आईएएनएस)। यदि भारत में अधिक महलाएं काम करें तो देश के सकल घेलू उत्पाद (जीडीपी) में अगले पांच वर्षो में 35 अरब डॉलर की रकम जुड़ सकती है।
गोल्डमैन सैक्स की पूर्व उपाध्यक्ष और अब फ्यूचर कैपिटल होल्डिंग्स की शोध प्रमुख रूपा पुरुषोत्तम ने कहा कि कार्यक्षेत्र में अधिक महिलाओं की उपस्थिति से अगले पांच वर्षो में जीडीपी में 35 अरब डॉलर की वृद्धि होने के साथ ही भारत 2015 के लिए तय लक्ष्य से पांच प्रतिशत अधिक संपन्न हो सकता है। वर्ष 2025 तक भारत तय लक्ष्य से 12 फीसदी अधिक समृद्धि हासिल कर सकता है।
पुरुषोत्तम ने कहा कि भारत को प्रतिभाओं के अनियमित वितरण से नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनके अनुसार महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में शामिल करने से भारत, चीन, रूस, और ब्राजील से आगे निकल सकता है।
पुरुषोत्तम के अनुसार वर्ष 2003 से 2005 के बीच भारत में पुरुषों के रोजगार विकास दर की तुलना में महिलाओं की रोजगार विकास दर अधिक है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां 34.4 प्रतिशत महिलाएं काम में लगी हैं वहीं शहरी क्षेत्रों में केवल 20 प्रतिशत महिलाएं रोजगार में हैं।
पुरुषोत्तम ने कहा कि स्वरोजगार के क्षेत्र में लगी शहरी और ग्रामीण महिलाओं का प्रतिशत 11 और 32 है। उनके अनुसार इस अंतर को समाप्त करने से भारत की जीडीपी में नाटकीय वृद्धि संभव है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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