बसपा ने भी कहा, बजरंग दल पर लगे प्रतिबंध (लीड-1)
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री शकील अहमद के उस बयान का समर्थन किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि बजरंग दल एक आतंकवादी संगठन है और केंद्र सरकार प्रतिबंधित स्टुडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) की ही तरह इस पर भी प्रतिबंध लगाने से नहीं हिचकिचाएगी।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) ने बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की सरकार की मंशा पर ही सवाल उठाया है और कहा कि कांग्रेस सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।
अहमद ने पटना में आईएएनएस को बताया, "इसमें थोड़ा भी शक नहीं कि बजरंग दल एक आतंकवादी संगठन है। वह आतंक फैलाने की घटनाओं में शामिल है। सिमी की तर्ज पर केंद्र सरकार बजरंग दल पर भी प्रतिबंध लगा सकती है।"
उन्होंने कहा, "बजरंग दल की आतंक फैलाने संबंधी गतिविधियों के संबंध में चार से पांच राज्यों की सरकारें यदि केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट भेजें तो सरकार इस संगठन पर प्रतिबंध लगा देगी।"
उन्होंने कहा कि इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि बजरंग दल आतंक फैलाने की गतिविधियों में शामिल है। इसलिए केंद्र सरकार उस पर प्रतिबंध लगाने से नहीं हिचकेगी।
बसपा नेता व राज्यसभा सदस्य शाहिद सिद्दीकी ने कहा, "बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने संबंधी रिपोर्ट उत्तरप्रदेश सरकार भेजेगी या नहीं यह तो मुख्यमंत्री मायावती को तय करना है लेकिन जहां तक मेरा मानना है कि ऐसे संगठन समाज में आतंक पैदा करते हैं। चाहे वह बजरंग दल हो या विश्व हिन्दू परिषद, शिवसेना हो या फिर सिमी।"
इस बीच माकपा पोलि ब्यूरो की सदस्य बृंदा करात ने कहा, "केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से भागने की कोशिश कर रही है। इस बयान से केंद्र सरकार का तानाशाही रवैया झलक रहा है। अहमद का बयान सिर्फ राजनीतिक है और कुछ नहीं।"
सपा नेता कमाल अख्तर ने कहा, "कांग्रेस यदि वास्तव में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाना चाहती है तो वह सबसे पहले अपनी पार्टी के शासन वाले प्रदेशों से इस संबंध में रिपोर्ट मंगवाए। हमारी पार्टी तो बजरंग दल समेत सभी फासीवादी ताकतों पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग कर रही है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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