'टाइम्स' पुरस्कार विजेता ने छेड़ा गौरैया को बचाने का अभियान
मुंबई, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। 'टाइम्स' पत्रिका की ओर से 'हिरोज ऑफ द इंवायरमेंट- 2008' पुरस्कार से सम्मानित दिलावर मोहम्मद अब गौरैया को बचाने के अभियान में जुटे हैं।
गौरैया के संरक्षण के लिए दिलावर लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका मानना है कि पक्षियों की यह प्रजाति मनुष्यों की वजह से गंभीर खतरे में है।
महाराष्ट्र के नासिक में रहने वाले 28 वर्षीय दिलावर रोजाना 150 से अधिक गौरैयों को भोजन-पानी देते हैं, जिससे उन पक्षियों का अस्तित्व बना रहे। उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण की वजह से इन पक्षियों के प्राकृतिक खाद्य संसाधन तेजी से कम होते जा रहे हैं।
दिलावर ने बताया, "गौरैयों पर फिलहाल कई तरफ से हमले हो रहे हैं। यहां सैकड़ों पेड़ों और झाड़ियों को साफ कर बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी की जा रही हैं। विभिन्न शहरों और गांवों में मोबाइल फोन के सैकड़ों टावर लगाए जा रहे हैं, जिसका प्रभाव छोटे गौरैयों पर पड़ रहा है।"
उन्होंने कहा कि वायरलेस टावरों का गौरैया के साथ अन्य पक्षियों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आम आदमी के लोकतंत्र की खूब बातें होती हैं लेकिन इन पक्षियों के बारे में कोई नहीं सोचता है।
इस पक्षी के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि यह सभी तरह के तापमान में जीवित रह सकते हैं और इनकी आयु तीन से 13 वर्षो के बीच होती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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