नक्सल प्रभावित बस्तर के बच्चों को नया जीवन
रायपुर, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। हाल के वर्षो में नक्सली हिंसा में अपने मां या बाप को खो चुके छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के 25 बच्चे एक अनाथालय की मदद से अपनी जिंदगी की नए सिरे से शुरुआत कर रहे हैं।
रायपुर, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। हाल के वर्षो में नक्सली हिंसा में अपने मां या बाप को खो चुके छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के 25 बच्चे एक अनाथालय की मदद से अपनी जिंदगी की नए सिरे से शुरुआत कर रहे हैं।
रायपुर के अनाथालय गुरुकुल आश्रम ने ऐसे 20 बालकों और पांच बालिकाओं को गोद लिया है।
नक्सलियों ने पिछले दो दशकों से भी अधिक समय से खूनी संघर्ष छेड़ रखा है। उन्होंने वास्तव में 3,900 किलोमीटर क्षेत्र वाले इस राज्य के घने जंगलों में अपनी समानांतर सत्ता स्थापित कर रखी है। पुलिस के हमलों के दौरान वे इन बच्चों को अपने सुरक्षा कवच की तरह इस्तेमाल करते हैं।
आठ वर्षीय ताती राहुल ने आईएएनएस से कहा, "2007 के अंत में अनाथालय आने के पहले मैं कभी स्कूल नहीं गया था। अब मैं अंग्रेजी लिख लेता हूं और पांच तक पहाड़ा भी जबकि इसके पहले मुझे सिर्फ दो शब्द सिखाए गए थे 'ए' और 'बी'। 'ए' से एके-47 और 'बी' से बम।" राहुल के पिता की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी।
अनाथालय के केंद्र निदेशक नारायण राव ने कहा कि उन्होंने इन बच्चों को आंध्रप्रदेश की सीमा से निकट कोंटा और इंजेराम के राहत शिविरों से गोद लिया है।
उन्होंने बताया कि इन बच्चों की पढ़ने-लिखने में बहुत रुचि है और निकट भविष्य में उनकी और बच्चों को गोद लेने की इच्छा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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