ग्रामीण डाक सेवकों के बच्चों को दाखिले में वरीयता मिलेगी
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। देश भर के साढ़े तीन लाख ग्रामीण डाक सेवक अब प्राथमिकता के आधार पर अपने बच्चों को केंद्रीय विद्यालयों में दाखिला दिला सकेंगे। अब ग्रामीण डाक सेवकों को भी केंद्र सरकार सैन्य कर्मचारियों के समान दर्जा देगी। इसके साथ ही ग्रामीण डाक सेवकों का स्टेशनरी भत्ता 10 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया गया है।
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। देश भर के साढ़े तीन लाख ग्रामीण डाक सेवक अब प्राथमिकता के आधार पर अपने बच्चों को केंद्रीय विद्यालयों में दाखिला दिला सकेंगे। अब ग्रामीण डाक सेवकों को भी केंद्र सरकार सैन्य कर्मचारियों के समान दर्जा देगी। इसके साथ ही ग्रामीण डाक सेवकों का स्टेशनरी भत्ता 10 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया गया है।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया को लिखे पत्र में इस निर्णय की जानकारी दी है। यह निर्णय अगले शैक्षणिक सत्र में प्रभावी होगा।
सिंधिया ने इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र लिखा था, जिसमें ग्रामीण डाक सेवकों के बच्चों को केंद्रीय विद्यालयों में वरीयता के आधार पर दाखिले देने की मांग की गई थी।
यह फैसला भी किया गया कि जब तक आग्रह न किया जाए ग्रामीण डाक सेवकों को तबादला नहीं किया जाएगा। क्षतिपूर्ति के आधार पर नियुक्तियों के सभी मामले तेजी से निपटाए जाएंगे और आवेदक को 60 दिन के भीतर निर्णय की सूचना दी जाएगी। ग्रामीण डाक सेवकों द्वारा संचालित सभी कार्यालयों को स्टेशनरी की नियमित निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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