कामागाटा मारु प्रकरण : प्रधानमंत्री की माफी को भारतीय मूल के कनाडाइयों ने नकारा
वैंकूवर, 4 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय मूल के कनाडाइयों ने प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर द्वारा रविवार को 'कामागाटा मारु जहाज प्रकरण' में मांगी गई माफी को खारिज कर दिया है। सन 1914 में घटी इस घटना में जहाज पर सवार होकर कनाडा गए सैकड़ों भारतीयों को वहां प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी और उन्हें वापस लौटना पड़ा था।
वैंकूवर, 4 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय मूल के कनाडाइयों ने प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर द्वारा रविवार को 'कामागाटा मारु जहाज प्रकरण' में मांगी गई माफी को खारिज कर दिया है। सन 1914 में घटी इस घटना में जहाज पर सवार होकर कनाडा गए सैकड़ों भारतीयों को वहां प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी और उन्हें वापस लौटना पड़ा था।
कामागाटा मारु एक जापानी जहाज था जिसे मलेशिया के एक धनी सिख गुरदित सिंह ने 376 भारतीयों को हांगकांग से कनाडा ले जाने के लिए किराए पर लिया था। वे वहां के नस्लीय कानून को चुनौती देना चाहते थे लेकिन जहाज को वैंकूवर में रुकने नहीं दिया गया और उसे जबरन भारत भेज दिया गया। जहाज के कोलकाता पहुंचने पर ब्रिटिश पुलिस ने यात्रियों पर गोलीबारी की जिसमें कई की मौत हो गई।
सर्रे शहर में रविवार को आयोजित सालाना गादरी बाबियान मेले में हार्पर ने कहा कि कनाडा सन 1914 में यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार के लिए दुखी है और उसके लिए क्षमा प्रार्थी है। चूंकि सरकार ने पहले संसद में इसके लिए माफी मांगने का वादा किया था इसलिए मेले के आयोजकों ने इसे तुरंत खारिज कर दिया।
मेले के आयोजक साहिब सिंह थिंड ने कहा, "हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री हाउस आफ कामंस में इसके लिए माफी मांगे न कि यहां इस रैली में। हम इस माफी को नकारते हैं।"
उन्होंने कहा कि सरकार ने हमें धोखा दिया है। कल हमसे कहा गया था कि प्रधानमंत्री यहां उस तिथि की घोषणा करेंगे जिस दिन संसद में माफी मांगी जानी है। थिंड ने कहा कि आज फिर हमारे साथ वैसा ही व्यवहार किया गया जैसा 1914 में कामागाटा मारु के यात्रियों के साथ किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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