काजीरंगा में गैंडों का अवैध शिकार रोकने में मदद करेगी सेना
काजीरंगा (असम), 26 जुलाई (आईएएनएस)। असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में संगठित शिकारी गिरोहों द्वारा एक सींग वाले दुर्लभ गैंडों के शिकार की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए वहां सेना तैनात कर दी गई है।
वन्यजीव विभाग के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि कोलकाता स्थित पूर्वी कमान के अतंर्गत दूसरी पर्वतीय तोपखाना ब्रिगेड को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का मानद वन्यजीव संरक्षक नियुक्त किया गया है।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के मुख्य संरक्षक एस.एन.बरगोहेन ने आईएएनएस को बताया कि असम के राज्यपाल ने वन्यजीव अधिनियम 1972 के तहत सेना से उद्यान के अधिकारियों का सहयोग करने को कहा था।
पिछले वर्ष 430 वर्गकिलोमीटर क्षेत्रफल वाले काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में शिकारियों द्वारा 20 गैंडों की शिकार के बाद सेना के जवानों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। पिछले दशक में यह पहली बार हुआ है कि एक साल में मारे गए गैंडों की संख्या दहाई अंकों तक पहुंची है। इस वर्ष अब तब छह गैंडों की हत्या की जा चुकी है।
उद्यान के संरक्षक ने कहा कि उनको विश्वास है कि सेना की उपस्थिति से गैंडों के शिकार की घटनाओं में कमी आएगी।
पूरी दुनिया में अभी मौजूद तकरीबन 2700 गैंडों में से 1855 काजीरंगा में हैं। इतनी बड़ी संख्या में एक स्थान पर इतने अधिक गैंडों की उपस्थिति के कारण अवैध शिकारी काजीरंगा को अपना निशाना बनाते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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