बांग्लादेश की जेलों में 'वीआईपी' कैदियों के बढ़ने से आम कैदी परेशान
ढाका, 26 जुलाई (आईएएनएस)। बांग्लादेश की जेलों में 'अति विशिष्ट' कैदियों की संख्या बढ़ने के कारण पहले से रह रहे कैदियों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
सजायाफ्ता कैदियों को अपना स्थान कार्यवाहक सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार मंत्रियों ओर सांसदों के लिए लिए खाली करना पड़ रहा है। पिछले साल फरवरी से भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए गए अभियान में सरकार ने करीब दो लाख लोगों का गिरफ्तार किया है।
इसके परिणामस्वरूप नियमित कैदियों को तीन पालियों में सोना पड़ रहा है और दैनिक क्रियाओं तथा नहाने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगानी पड़ रही हैं।
बांग्लादेश की 67 जेलों की हालत की लगातार आलोचना वहां का मीडिया पहले भी करता रहा है। ढाका केंद्रीय जेल के केवल चार डाक्टरों में से दो को वहां बंद पूर्व दोनों पूर्व प्रधानमंत्रियों शेख हसीना और खालिदा जिया के इलाज के लिए तैनात करने की भी आलोचना हुई है।
दैनिक ' स्टार ' के अनुसार बांग्लादेश की जेलों में केवल 27,451 कैदियों को रखने की क्षमता के विपरीत 87,000 कैदी वहां नारकीय जीवन बिता रहे हैं।
बांग्लादेश में 2001 के बाद जेलों की क्षमता में वृद्धि करके 4000 और कैदियों को रखने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन पिछले सात वर्षो में 27,000 नए कैदी जेलों में आ चुके हैं।
बांग्लादेश के पिछले शासकों ने जेलों की क्षमता में वृद्धि और उनमें रहने की परिस्थतियों में सुधार की ओर ध्यान नहीं दिया। नई जेल के निर्माण में करीब 10 साल का समय लगता है।
ढाका की खचाखच भरी केंद्रीय जेल के एक कैदी ने अखबार से कहा कि यहां न तो बैठने की जगह है और न लेटने की ।
जेल के एक अधिकारी ने मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत नहीं होने के कारण अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि आप जेल के दुखों को तब तक नहीं महसूस कर सकते जब तक कि स्वयं अपनी आंखों से न देख लें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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