परमाणु अप्रसार के लिए बेहतर है भारत-अमेरिका करार : राइस

वाशिंगटन, 26 जुलाई (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) में भारत का विरोध करने के पाकिस्तान के प्रयास को परोक्ष रूप से दरकिनार करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडालीजा राइस ने कहा कि परमाणु अप्रसार में भारत की बेदाग छवि की बदौलत भारत-अमेरिका परमाणु करार को आईएईए और परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों के संगठन (एनएसजी) से मंजूरी मिल जाएगी।

ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में संवाददाताओं से बातचीत में राइस ने कहा कि इस समझौते से न सिर्फ दोनों देशों के सामरिक संबंधों के हितों की रक्षा होगी, भारत की ऊर्जा संबंधी जरूरतें पूरी होंगी बल्कि अप्रसार तंत्र के हित भी साधे जा सकेंगे।

राइस की टिप्पणियां अमेरिकी विदेश विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। राइस ने कहा, "भारत परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का सदस्य नहीं है, लेकिन वह एक व्यापक तंत्र का हिस्सा है, जिसमें एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले देशों को प्रसार के संबंध में कुछ कर्तव्य का पालन करना पड़ता है और प्रसार के मामले में भारत का रिकार्ड इस मामले में काफी अच्छा है।"

राइस ने कहा कि इसीलिए आईएईए के प्रमुख मोहम्मद अलबरदेई इस करार के समर्थक रहे हैं, इससे इस विचार को बल मिलता है कि यह अंतर्राष्ट्रीय परमाणु अप्रसार तंत्र के लिए बेहतर होगा।

राइस ने बताया कि आईएईए के संचालक मंडल और एनएसजी में इस मसले पर चर्चा के लिए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया का समर्थन मांगा है, क्योंकि भारतीय पक्ष का रुख बहुत ही स्पष्ट रहा है।

ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री स्टीफन स्मिथ ने कहा कि उनका देश आईएईए और एनएसजी में अपना रुख स्पष्ट करेगा। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को सकारात्मक और रचनात्मक दृष्टि से देख रहे हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+