गरीब देशों को भी सताती है पर्यावरण की चिंता
वाशिंगटन, 26 जुलाई (आईएएनएस)। गरीब देश भी पर्यावरण संरक्षण की जरूरत के प्रति सचेत हैं, हालांकि उनके बारे में समझा यही जाता है कि वे अपने बुनियादी जरूरते पूरी करने की जद्दोजहद में जुटे रहते हैं।
ओक्लाहोमा स्टेट यूनिवर्सिटी के रिले ई. डनलप और ओरेगन यूनिवर्सिटी के रिचर्ड यार्क ने विभिन्न देशों में कराए गए चार सर्वेक्षणों के नतीजों में यह बात कही है। ये सर्वेक्षण विभिन्न आर्थिक दर्जो वाले कई दर्जन देशों में कराए गए।
नतीजों में कहा गया है कि गरीब देशों के नागरिक भी धनी देशों के नागरिकों के समान ही पर्यावरण के संरक्षण के लिए चिंतित हैं। उनमें कहा गया है कि पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान के लिए गरीब देशों के नागरिक भी सहयोग का रवैया अपनाते हैं।
लेखकों का मानना है कि पहले के अध्ययन यह जानने में विफल रहे हैं कि पर्यावरणीय समस्याएं सिर्फ जीवन की गुणवत्ता के लिए ही नहीं बल्कि भौतिक सुख- सुविधाओं के लिए भी खतरा हैं।
लेखकों ने कहा है कि उनके अध्ययन से यह निष्कर्ष निकला है कि सतत विकास को प्रोत्साहन देने के लिए बनाई गई सु-विचारित नीतियां गरीब देशों के लोगों को अपेक्षा से ज्यादा प्रभावित करेंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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