पानी की कमी से मध्यप्रदेश में विद्युत संकट के आसार
भोपाल, 25 जुलाई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश की विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं के जलाशयों में पानी की कमी का असर विद्युत उत्पादन पर साफ नजर आने लगा है।
सरकारी तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार इंदिरा सागर जलाशय पर बनी प्रदेश की सबसे बड़ी जल विद्युत परियोजना में मात्र 100 से 150 मेगावाट तक ही विद्युत उत्पादन हो पा रहा है, जबकि उसकी उत्पादन क्षमता एक हजार मेगावाट है। इसकी वजह से इस जलाशय में जल स्तर का 11 मीटर कम होना है। इसी तरह ओंकारेश्वर जल विद्युत संयंत्र से सिर्फ 100 मेगावाट बिजली ही उत्पादित हो पा रही है, जबकि उसकी क्षमता 520 मेगावाट है।
ऐसा ही कुछ हाल सरदार सरोवर जल विद्युत परियोजना का भी है, यहां से मध्यप्रदेश के हिस्से में 826 मेगावाट बिजली आती है, मगर इस जलाशय में पिछले साल की तुलना में नौ मीटर जल स्तर कम होने के कारण यहां 100 मेगावाट से भी कम बिजली का उत्पादन हो पा रहा है। पेंच विद्युत परियोजना, गांधी सागर जलाशय सहित अन्य विद्युत परियोजनाओं में विद्युत उत्पादन घटा है।
प्रदेश की जल विद्युत क्षमता 3 हजार 263 मेगावाट है, जो पानी की कमी के चलते 800 से 850 मेगावाट रह गई है। उत्पादन क्षमता की तुलना पिछले वर्ष से की जाए, तो एक बात साफ नजर आती है कि बिजली का उत्पादन 1500 मेगावाट कम हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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