भोजपुरी और मैथिली में भी हैं ब्लॉग
नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। इंटरनेट पर ब्लॉग अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। अंग्रेजी में शुरू हुए ब्लागिंग के बाद लोगों ने हिंदी में ब्लागिंग शुरू की और यह सफल भी रही, अब आंचलिक भाषाओं में भी ब्लॉग लिखे जा रहे हैं। खासकर, मैथिली और भोजपुरी भाषा में रोज नए ब्लॉग सामने आ रहे हैं।
नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। इंटरनेट पर ब्लॉग अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। अंग्रेजी में शुरू हुए ब्लागिंग के बाद लोगों ने हिंदी में ब्लागिंग शुरू की और यह सफल भी रही, अब आंचलिक भाषाओं में भी ब्लॉग लिखे जा रहे हैं। खासकर, मैथिली और भोजपुरी भाषा में रोज नए ब्लॉग सामने आ रहे हैं।
आंचलिक भाषाओं के इन ब्लॉगों की संख्या अभी हिंदी के मुकाबले काफी कम हैं। भोजपुरी भाषा में मौजूद ब्लॉगों की लोकप्रियता का ग्राफ जहां काफी तेजी से आगे बढ़ रह है, वहीं मैथिली में मौजूद ब्लॉगों की रफ्तार भोजपुरी के मुकाबले कमजोर है। दोनों भाषाओं के ब्लॉगों में जहां साहित्य और सामाजिक स्थिति को लेकर पोस्ट मौजूद हैं वहीं 'कम्युनिटी ब्लॉग' को लेकर भी इन भाषाओं के ब्लॉगर कार्य कर रहे हैं।
भोजपुरी में सबसे अधिक लोकप्रिय ब्लॉग 'भोजपुरिया ब्लॉग' में देश- विदेश की खबरों के अलावा भोजपुरी समुदाय की सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी रिपोर्ट मौजूद हैं। इस ब्लॉग पर भोजपुरी फिल्मों की समीक्षा भी पढ़ने को मिल सकती है। एक और भोजपुरी ब्लॉग 'चौरीचौरा डॉट कॉम' भी पाठकों को अपनी आकर्षित कर रहा है। यहां आपको वीडियो पोस्ट भी आसानी से मिल जाएंगे।
दूसरी ओर मैथिली भाषा के ब्लॉग भी ब्लॉग -जगत में हलचल मचा रहे हैं। 'कतेक रास बात', 'मिथिला मिहिर' 'माटिक लोक' 'हेलो मिथिला' 'टोला' जैसे कई ब्लॉग साहित्य और मिथिला के सामाजिक परिवेश पर चर्चा कर रहे हैं। 'हेलो मिथिला' ब्लॉग पर तो मिथिलांचल इलाके की ढेर सारी रिपोर्टे मौजूद हैं, वहीं 'मिथिला मिहिर' पाठकों को मैथिली की कहानियां, कविताएं और विश्व प्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग से परिचित कराने में योगदान कर रहा है।
मैथिली के लोकगीतों का यदि वीडियो में आनंद प्राप्त करना चाहते हैं तो 'मैथिली लोकगीत' नामक ब्लॉग पर आएं। यहां मिथिला के प्रचलित लोक गीतों का भंडार है। विभिन्न अवसरों पर गाए जाने वाले गीतों को यहां पोस्ट किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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