महंगाई पर श्वेतपत्र जारी करे सरकार : जोशी
वाराणसी, 26 मई (आईएएनएस)। एक तरफ तीन दिनी वाराणसी प्रवास के दौरान डाक्टर मुरली मनोहर जोशी की यहां से लोक सभा चुनाव लड़ने की चर्चा गर्म रही, तो वहीं दूसरी तरफ उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में वर्तमान सरकार पर जमकर निशाना साधा।
पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा. जोशी ने बेकाबू होती जा रही महंगाई के लिए सरकार की नीतियों को ही जिम्मेदार ठहराया। चीन द्वारा मानसरोवर यात्रा रोक दिए जाने और अरुणाचल प्रदेश पर आंख लगाने को डा. जोशी ने गहरी चिंता का विषय बताया।
डा. जोशी ने सरकार की आंतरिक और बाहरी दोनों नीतियों को ढुलमुल बताते हुए कहा कि आतंकवाद के लगातार उठने वाले सिरों को कुचलने के लिए पोटा जैसे कानून की सख्त जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जो गृह मंत्री अफजल गुरु और सरबजीत में फर्क नहीं महसूस कर रहा है, उसकी आतंकवाद रोकने के प्रयासों की गंभीरता का अंदाजा हो जाता है।
बढ़ती हुई महंगाई पर चुटकी लेते हुए जोशी ने कहा कि वित्त मंत्री पहले कहते थे कि महंगाई दो महीने में कम हो जाएगी। लेकिन अब वित्त मंत्री कह रहे हैं कि छह महीने लगेंगे। उधर रिजर्व बैंक का मानना है कि महंगाई रोकना कठिन काम है। डा. जोशी के मुताबिक उन्हें लगता है कि सरकार की बुनियादी नीतियां ही गलत हैं इसलिए इस पर सरकार को श्वेतपत्र जारी करना चाहिए।
डा. जोशी ने भारतीय क्षेत्रों में चीन की लगातार बढ़ती हुई दखलंदाजी पर रोष जताते हुए कहा कि चाहे तिब्बत का मामला रहा हो या मानसरोवर यात्रा पर रोक लगाने का या फिर अरुणाचल प्रदेश के बारे में चीन सरकार की टिप्पणी की बात रही हो, इस पर हमारे देश की सरकार का कोई स्पष्ट बयान न आना उसे कटघरे में तो खड़ा करता ही है। साथ ही इस तरह के गंभीर मामलों पर ढुलमुल रवैया खतरनाक संकेत भी दे रहा है।
उन्होंने गंगा के लगातार सूखने और प्रदूषणयुक्त होने के सवाल पर कहा कि जो नदी हजारों सालों से भारतीय संस्कृति व सभ्यता को सतत गतिमान बनाए हुए है, उस पर संकट जरूर आ गया है लेकिन जोशी ने यह भी कहा कि हमारे देश का दुर्भाग्य यह है कि यदि गंगा के बारे में कोई विशेष बात करने लगेगा, तो लोग उसे सांप्रदायिक कहना शुरू कर देते हैं। फिर भी गंगा हमारे देश की धरोहर है और उसे बचाया जाना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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