झारखंड में बैंकों की सुरक्षा के लिए बटालियन का मामला लटका
रांची, 26 मई (आईएएनएस)। झारखंड सरकार राज्य के बैंकों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए विशेष पुलिस की एक बटालियन बनाने की योजना पर विचार कर रही है। इसका राज्य में स्थित बैंकों ने तो स्वागत किया है लेकिन इनके वेतन-भत्तों का भुगतान कौन करेगा इस पर मतभेद बरकरार है।
इस योजना को अमल में लाने के पहले यह प्रश्न बना हुआ है कि इस बटालियन के वेतन-भत्ते कौन देगा। झारखंड सरकार का कहना है कि भुगतान बैंक करे जबकि बैंकों का कहना है कि भुगतान सरकार करे।
राज्य सरकार की इस योजना के पीछे राज्य में पिछले आठ सालों में हुई 55 बैंक डकैतियां हैं।
झारखंड सरकार के इस विचार के पीछे राज्य के बैंकों को माओवादियों द्वारा लूटना भी रहा है। उल्लेखनीय है कि नवंबर, 2000 में झारखंड राज्य के गठन के बाद ऐसे 22 मामले सामने आए हैं और इसमें नक्सली रुपये लूटकर सुरक्षित भाग निकले थे।
पिछले हफ्ते रांची से 70 किलोमीटर दूर तमार प्रखंड में 14 डकैतों ने पांच करोड़ रुपये और एक किलोग्राम सोना लूट लिए थे। विशेष वाहन में लाई जा रही यह धनराशि जमशेदपुर से रांची के एटीएम के लिए लाई जा रही थी।
गत पांच सालों में विशेष पुलिस बटालियन के गठन के लिए राज्य सरकार और बैंकों के अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत होती रही है।
एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि समस्या तब उभरी जब राज्य सरकार ने बैंकों से कहा कि पुलिसबलों के वेतन का भुगतान बैंक करे।
उधर, इलाहाबाद बैंक के एक अधिकारी ने कहा कि यह पुलिस का उत्तरदायित्व है कि वह सुरक्षा मुहैया कराए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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