परमाणु समझौते पर अमेरिका ने दिया है कानूनी के बजाय राजनीतिक आश्वासन
वाशिंगटन, 26 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के साथ असैनिक परमाणु समझौते में नाभिकीय ईंधन की आपूर्ति का आश्वासन कानूनी के बजाय राजनैतिक है।
विदेश विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कांग्रेस सदस्यों को भारत को परमाणु ईंधन आपूर्ति की राजनैतिक प्रकृति के बारे में बताने के साथ ही यह आश्वासन भी दिया है कि प्रस्तावित 123 समझौता मौजूदा अमेरिकी कानून हाइड एक्ट का उल्लंघन किए बिना लागू हो सकता है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कांग्रेस की विदेशी मामलों की समिति द्वारा 123 समझौते से संबंधित 40 प्रश्नों का जवाब देने के लिए यह रिपोर्ट तैयार की है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने प्रस्तावित परमाणु समझौते पर प्रभाव पड़ने के कारण संसदीय कमेटी से इन उत्तरों को सार्वजनिक नहीं करने को कहा है।
गौरतलब है कि अमेरिकी अधिकारियों ने भारत को आश्वस्त किया था कि भारत के साथ केवल बुश द्वारा घोषित 123 समझौता ही लागू होगा। हाइड एक्ट के कुछ प्रावधान केवल सलाहकारी हैं।
उसी समय बुश प्रशासन ने कांगेस सांसदों को भी आश्वस्त किया कि 123 समझौता हाइड एक्ट के साथ ही लागू होगा।
कांग्रेस की एक शोध समिति ने अमेरिका-भारत परमाणु सहयोग विषय पर तैयार अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 123 समझौते में भारत को परमाणु ईंधन की आपूर्ति का आश्वासन विवादास्पद है।
रिपोर्ट के अनुसार समझौते में प्रावधान है कि अमेरिका भारत के रिएक्टरों के लिए परमाणु ईंधन आपूर्ति के बंद होने की स्थिति से बचने के लिए 'नाभिकीय ईंधन के सुरक्षित भंडार के निर्माण में सहयोग' देगा।
कांग्रेस द्वारा तैयार रिपोर्ट में कहा गया है कि 'नाभिकीय ईंधन के सुरक्षित भंडार के निर्माण' का प्रावधान स्पष्ट नहीं है और अमेरिका ने ऐसा आश्वासन किसी भी अन्य देश को नहीं दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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