कोलंबियाई विद्रोहियों के प्रमुख की मौत की पुष्टि
बोगोटा, 26 मई (आईएएनएस)। कोलंबिया के सबसे बड़े वाम विद्रोही संगठन 'रिवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलंबिया' (एफएआरसी) ने अपने प्रमुख मैनुएल "स्योरसॉट" मैरुलैंडा की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि 26 मार्च को दिल का दौरा पड़ने के कारण उनकी मौत हुई थी।
'ईएफई समाचार एजेंसी' ने इस संबंध में जानकारी दी है। एफएआरसी के कमांडर टिमोलियोन जिमेनेज ने रविवार को एक टेलीविजन प्रसारण में कहा कि मैरुलैंडा की मौत के बाद अलफांसो कैनो को प्रमुख बनाया गया है।
'टेलिसूर नेटवर्क' पर जिमेनेज ने कहा, "हमें बेहद दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि 24 मार्च को दिल का दौरा पड़ने से मैरुलैंडा की मौत हो गई। उनकी मौत के समय एफएआरसी के सुरक्षाकर्मी मौजूद थे।"
माना जा रहा था कि मैरुलैंडा को प्रोस्टेट कैंसर था। वह विश्व के सबसे पुराने और सक्रिय विद्रोही थे। उनका जन्म पश्चिम मध्य प्रांत क्यूनदियो के गेनेवा गांव में 12 मई 1930 को हुआ था।
गौरतलब है कि एएफएआरसी ने देश के चालीस प्रमुख लोगों को बंधक बनाकर रखा है। जिमेनेज ने कहा कि इन लोगों को छोड़े जाने के लिए तैयार किया गया प्रस्ताव प्रभावी रहेगा। बंधकों में राष्ट्रपति पद के पूर्व उम्मीदवार इंगरिड बेटानकोर्ट भी शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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