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रिलायंस ने एमटीएन के साथ मोलभाव की बात स्वीकारी (लीड)

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    मुंबई, 26 मई (आईएएनएस)। रिलायंस धीरूभाई अंबानी समूह ने आज औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया कि वह दूर संचार सेवा प्रदान करने वाली दक्षिण अफ्रीकी कंपनी एमटीएन के साथ सौदे के लिए बातचीत कर रही है।

    गौरतलब है कि दो दिन पहले ही एयरटेल का एमटीएन के साथ सौदे से संबंधित बातचीत टूटी है। इससे पहले वोडाफोन ने एमटीएन के लिए बोली लगाने से इंकार कर दिया था।

    कंपनी ने एक वक्तव्य में आज कहा, "रिलायंस कम्यूनिकेशंस और एमटीएन संयुक्त कारोबार के लिए मोलभाव करने पर सहमत हो गए हैं।"

    वक्तव्य के मुताबिक दोनों कंपनियां इस बात पर भी सहमत हो गई हैं कि अगले 45 दिन की अवधि के दौरान दोनों कंपनियां किसी अन्य कंपनी के साथ सौदे के लिए मोलभाव नहीं करेंगे।

    वक्तव्य के अनुसार, "यह निश्चित नहीं है कि प्रस्तावित अवधि के दौरान कोई सौदा हो ही जाएगा। इसलिए शेयरधारकों को सलाह दी जाती है कि सौदे से संबंधित जब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की जाती तब तक वे कारोबार के दौरान सतर्कता बरतें।"

    दरअसल रिलायंस की नजर दक्षिण अफ्रीका, नाईजीरिया, ईरान और साइप्रस जैसे 21 देशों में एमटीएन के 7 करोड़ ग्राहकों पर है। एमटीएन का बैलेंस शीट भी काफी आकर्षक है। हालिया नतीजों में कंपनी को 9.62 अरब डालर की आमदनी और 1.58 अरब डालर का शुद्ध मुनाफा हुआ है।

    उधर रिलायंस कम्यूनिकेशंस की भी भारत के 15,000 शहरों और 400,000 गांवों में 4.8 करोड़ ग्राहक हैं। पूरे देश में कंपनी ने 165,000 किलोमीटर फाइबर ऑप्टिक केबल का नेटवर्क बिछाया हुआ है।

    बताया जा रहा है कि एमटीएन के साथ रिलायंस कम्यूनिकेशंस कोई सौदा तय करने में यदि सफल हो जाती है तो दूर संचार क्षेत्र के वैश्विक कारोबार में कंपनी की हिस्सेदारी में खासा इजाफा होगा।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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