संगठित खुदरा कारोबार से पारंपरिक खुदरा तंत्र को खतरा नहीं : चिदंबरम
नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि वालमार्ट जैसी संगठित और बड़ी खुदरा दुकानों की श्रृंखला से देश के पारंपरिक खुदरा तंत्र को खतरेआशंका के पीछे कोई ठोस और तार्किक कारण नहीं है।
वित्त मंत्री का कहना है कि हालांकि संगठित खुदरा दुकानों से अपेक्षाकृत छोटे और पारंपरिक दुकानों को खतरा नहीं है, लेकिन लोगों में इसके प्रति भय का माहौल तो है ही।
एक भेंटवार्ता में चिदंबरम ने कहा, "मैंने वालमार्ट के अध्यक्ष से मुलाकात की है। उनका कहना है कि चीन में वालमार्ट के 47 स्टोर खोले जा चुके हैं, लेकिन अभी तक ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि वहां के पारंपरिक खुदरा तंत्र को इससे मुश्किलें पेश आईं हैं।"
चिदंबरम ने कहा कि इसके बावजूद वह जानते हैं कि देश में संगठित क्षेत्र के खुदरा दुकानों प्रति लोगों में भय है। यह सरकार का काम है कि जनता की आशंकाओं को दूर करे।
उन्होंने कहा, "जब तक लोगों की आशंका और चिंता को पूरी तरह दूर नहीं कर लिया जाता, इस दिशा में हम धीरे धीरे आगे बढ़ेंगे। जनता की आशंकाओं और चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।"
चिंदबरम का कहना है कि फिलहाल केवल खुले थोक भाव की दुकानों की अनुमति दी गई है जिनमें नकद और किसी एक ही ब्रांड के खुदरा कारोबार की अनुमति है। उन्होंने कहा कि संगठित क्षेत्र की कंपनियों को अब तक कई ब्रांडों वाले खुदरा कारोबार की अनुमति नहीं दी गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications