अमेरिकी दबाव में एचएएल का चिली से सौदा हुआ रद्द
सेंटियागो, 4 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी दबाव के कारण चिली ने भारत की सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से आधुनिक हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) 'ध्रुव' खरीद का सौदा रद्द कर दिया।
सेंटियागो, 4 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी दबाव के कारण चिली ने भारत की सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से आधुनिक हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) 'ध्रुव' खरीद का सौदा रद्द कर दिया।
यहां भारतीय अधिकारियों ने बताया कि चिली ध्रुव हेलीकॉप्टरों को खरीदना चाहता था लेकिन कम कीमत के होने के बावजूद उसने अमेरिका-कनाडा के संयुक्त उद्यम 'बेल' के साथ सौदा निश्चित कर लिया है। कूटनीतिक सूत्रों ने बताया कि चिली सरकार ने यह फैसला अमेरिकी दबाव में लिया।
नाम नहीं बताने की शर्त पर एक राजनयिक ने कहा, "यह एक राजनीति निर्णय था। चिली सरकार के अधिकारियों ने माना कि अमेरिकी दबाव के कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा।"
एचएएल ने चिली को 4.6 करोड़ डॉलर में छह ध्रुव हेलीकाप्टरों बेचने का प्रस्ताव किया था। यूरोप की यूरोकॉप्टर, रूसी और पोलैंड की कंपनियों ने भी इसके लिए बोली लगाई थी। लेकिन कीमतों के लिहाज से भारतीय प्रस्ताव सबसे अच्छा था।
चिली की सरकार ने 10 करोड़ डॉलर में चार बेल-412 हेलीकॉप्टर खरीदने का निर्णय किया है। इस खरीद के लिए यह स्पष्टीकरण दिया गया है कि हमारी जरूरतों के लिहाज से बेल सबसे उपयुक्त हेलीकॉप्टर है।
गौरतलब है कि चिली की सेना ने पिछले वर्ष मई में 5.5 टन और दो इंजनों वाले नई पीढ़ी के आधुनिक हेलीकॉप्टरों का प्रस्ताव आमंत्रित किया था। एचएएल ध्रुव हेलीकॉप्टरों के लिए बोलिविया और पेरू से भी बात कर रहा है।
सरकारी स्वामित्व वाली एचएएल का टर्नओवर पिछले तीन सालों में दुगुना होकर 2007-08 में 2 अरब डालर पर पहुंच गया है। कंपनी को भारतीय सेना को 159 ध्रुव हेलीकाप्टरों की आपूर्ति का ठेका पहले से ही प्राप्त है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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