खाद्यान्न पर अमेरिकी बयान पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश द्वारा अनाज की बढ़ती खपत के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराए जाने पर केंद्र सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।
रक्षा मंत्री ए के एंटोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को एक "भद्दा मजाक" करार दिया। उन्होंने कहा, "अनाज की कमी के लिए अमेरिकी नीतियां जिम्मेदार हैं।"
उल्लेखनीय है कि बुश ने अपने एक बयान में कहा था कि भारतीय मध्यवर्ग अमेरिका की समूची आबादी से भी अधिक है। उसकी जरूरतें ज्यादा हैं और इसी ज्यादा मांग के कारण कीमतों में वृद्धि हुई है।
इससे पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलिजा राइस भी विश्व के खाद्यान्न संकट के लिए चीन और भारत को जिम्मेदार ठहरा चुकी हैं।
इस मुद्दे पर सोमवार को संसद में बहस की उम्मीद है।
उधर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के नए महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने जारी एक बयान में कहा, "हमें मौजूदा संकट से निपटने के लिए एक वैश्विक मंच बनाना चाहिए।" उनके अनुसार मौजूदा खाद्यान्न संकट के पीछे अनेक कारण हैं।
सीआईआई महानिदेशक के अनुसार यह समस्या किसी एक देश से शुरू नहीं हुई है। मौजूदा संकट को एक वैश्विक परिदृश्य में देखा जाना चाहिए। अनाज उत्पादन और खपत की दिशा में सूचना का वैश्विक स्तर पर आदान-प्रदान होना चाहिए। उन्होंने व्यर्थ जाने वाले अनाज की रोकथाम पर भी जोर दिया।
सीआईआई के बयान में कहा गया है कि मौजूदा संकट के लिए जलवायु परिवर्तन एक बड़ा कारण है। अनाज से बनाया जाने वाला जैव-ईंधन भी इसका एक बड़ा कारण है।
बयान में खाद्यान्न एवं कृषि संस्थान (एफएओ) के अधीन एक अनाज प्रबंधन योजना विकसित किए जाने की भी सलाह पेश की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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