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बारिश से फसलों को नुकसान, किसान मायूस

By Staff
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    लुधियाना, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के अधिकतर हिस्सों में हुई सामान्य से हल्की बारिश से एक तरफ जहां तेज गर्मी से लोगों को राहत मिली है, वहीं, किसानों के चेहरे पर गहरी मायूसी देखी जा रही है। किसान फिलहाल अपनी गेहूं की पकी हुई फसलों को लेकर परेशान हो रहे हैं।

    देश के खाद्यान्न गोदाम माने जाने वाले इन राज्यों में किसानों को कम से कम इस बात से राहत मिली है कि बारिश का साथ तेज हवा ने नहीं दिया। वैसे गेहूं की कटाई अभी रफ्तार नहीं पकड़ पाई है। सामान्यत: पंजाब और हरियाणा में वैशाखी यानी 13 अप्रैल से गेहूं की कटाई व्यापक पैमाने पर शुरू होती है।

    जिराकपुर के किसान भगवंत सिंह ने कहा कि अगर तेज हवा के साथ बारिश आती तो फसलों को भारी नुकसान होता और रिकार्ड उत्पादन की सारी संभावनाएं धरी की धरी रह जाती।

    पंजाब के कुछेक हिस्सों से ही हालांकि गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर आई है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर मौसम में जल्दी सुधार नहीं होता है तो गेहूं उत्पादन पर इसका नकारात्मक असर देखा जा सकता है।

    लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय पीएयू के विशेषज्ञ एन.एस. मल्ही के अनुसार तेज हवा के साथ आई बारिश फसलों को ज्यादा क्षति पहुंचाती है जबकि सिर्फ बारिश उतना नहीं पहुंचाती।

    उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के अपर निदेशक डा. मुकेश गौतम का मानना है कि एक-दो जिलों में जहां ज्यादा बारिश हुई है वहां भी गेहूं की फसल को मामूली नुकसान ही होगा।

    गौतम ने कहा कि चालू वर्ष के लिए गेहूं उत्पादन का लक्ष्य 253 लाख टन रखा गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में गेहूं का उत्पादन 254 लाख टन था जबकि इससे पहले वर्ष 2005-06 में 235 लाख टन गेहूं का उत्पादन हुआ।

    उन्होंने कहा कि इस बार का लक्ष्य पिछली वर्ष के उत्पादन से केवल एक लाख टन कम है, लेकिन यहां यह भी उल्लेखनीय है कि इस वर्ष गेहूं की बुआई का क्षेत्रफल पिछले साल की तुलना में 1 लाख हेक्टेयर कम था। बावजूद इसके इस बार भी 253 लाख टन का उत्पादन लक्ष्य पाने की उम्मीद है।

    उधर मध्य प्रदेश में सूखे की मार झेल चुके किसान की दुर्गति में रही सही कसर इन्द्र देवता ने पूरी कर दी है। पिछले एक पखवाड़े के दौरान प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में हुई बारिश ने जान-माल को काफी नुकसान पहुंचाया है।

    सूखे ने पहले ही बड़े पैमाने पर फसलों को निगल लिया हैं और अब अरहर तथा गेहू की फसलों को वर्षा तथा ओलों की मार चौपट कर रही हैं।

    पिछले दिनों में ग्वालियर, चम्बल, सागर, जबलपुर और भोपाल संभाग के कई हिस्सों में वर्षा हुई हैं और ओले पड़े हैं। इस दरम्यान कई जगह बिजली भी गिरी हैं। जिससे जबलपुर में दो और गुना में दो लोगों की जानें गई हैं। इसके अलावा बड़े पैमाने पर माली नुकसान भी हुआ हैं।

    जवाहरलाल कृषि विश्व विद्यालय के विशेषज्ञों की माने तो अभी तक की वर्षा से बहुत ज्यादा नुकसान तो नहीं हुआ हैं अगर यह सिलसिला कुछ दिन और जारी रहा तो बडे पैमाने पर फसल चौपट हो जाएगी।

    कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक सांख्यिकी आऱ बी़ रजक ने बताया फसलों के नुकसान का लेखा जोखा उनके पास नहीं आया है। उन्होंने संभागीय स्तर के अधिकारी से नुकसान की पूरी जानकारी मगाई हैं और यह जल्दी ही उन तक आ जाएगी।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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