कबीर के दोहों पर फिल्में बनायी जाए
जयपुर 23 जनवरी .वार्ता. कबीर के पद एवं दोहे गाकर प्रसिद्वि पाने वालेमध्यप्रदेश के लोक कलाकार प्रहलाद सिंह टिपणियां का मानना है किकबीर के संदेश को जन जन तक पहुंचाने के लिए उनके पदों पर फिल्मऔर नाटकों का मंचन होना चाहिए
साहित्य संस्था सियाही द्वारा यहां आयोजित अनुवाद सम्मेलन में भाग लेने आए श्री टिपणियां ने यूनीवार्ता को बताया कि वाचिक परंपरा के जरिए कबीर आज भी जिंदा है लेकिन फिल्म और नाटक के माध्यम से कबीर के संदेश को और भी फैलाया जा सकता है
उन्होंने बताया कि कबीर के दोहे . पद . उलटबांसी में गहरा मर्मछिपा हुआ है तथा वे सत्य से साक्षात्कार कराती है1 यही कारण है कि कबीर को आज भी भुलाया नहीं जा सका1 कबीर के पदों में सोच और अनुभव शक्ति है
मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के लूनियाखेडी गांव के रहने वालेप्रहलाद सिंह तंबूरा बजाने के साथ कबीर के दोहे गाकर न केवल देश में बल्कि अमरीका में भी अपने हुनर का डंका बजा चुके है1 श्री टिपणियां मध्यप्रदेश के शिखर सम्मान तथा मालवारत्न पुरस्कार से सम्मानित हो चुके है तथा 17 फरवरी को दिल्ली में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील उन्हें संगीत नाटक अकादमी के पुरस्कार से सम्मानित करेंगी
पारीक.अभिनव.रमेश1005जारी वार्ता












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