कैट्स एम्बुलेंस सेवा निजी कंपनी को नहीं सौंपी जाये. मुखी

नयी दिल्ली 23 जनवरी.वार्ता. दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता जगदीश मुखी ने कैट्स एम्बुलेंस सेवा को निजी कंपनी को सौंपने के बजाये इसके विस्तार और इसे मजबूत बनाने की आवश्यकता जताई है

प्रोफेसर मुखी ने उपराज्यपाल तेजेन्द्र खन्ना को लिखे पत्र में कहा है कि दिल्ली सरकार 17 वर्ष पुरानी कैट्स सेवा की अनदेखी कर इसे मात्र दो वर्ष का अनुभव रखने वाली निजी कंपनी को देने की कोशिश कर रही है1 उन्होंने इस पूरी योजना की जांच कराने का आग्रह किया है

उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि दिल्ली सरकार कैट्स एम्बुलेंस जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण जनहित सेवा को किसी निजी कंपनी को सौंपने जा रही है1 उन्होंने कहा कि कैट्स एम्बुलेंस की पिछले 17 वर्ष में पूरे देश में अनोखी सेवा रही है और इसकी तत्परता से विभिन्न दुर्घटनाओं में घायल तीन लाख से अधिक लोगों की जान बचाई गयी है

विपक्ष के नेता ने कहा कि एक तरफ तो इस सेवा को बढाने के लिए नयी गाडियों की निविदा आमंति्रत की गई हैं तो दूसरी तरफ इसे निजी स्वार्थ के चलते हैदराबाद की किसी प्राईवेट कंपनी को सौंपने की तैयारी चल रही है. जिसे मात्र दो वर्ष का अनुभव है1 उन्होंने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार हैदराबाद की कंपनी ईएमआरआई ने ूठे आंकडे दिए हैं1 हैदराबाद की तुलना में दिल्ली में 20 गुना अधिक वाहन है और वहां के मुकाबले दिल्ली में दुर्घटनाएं भी अधिक संख्या में होती हैं

उन्होंने कहा कि कैट्स एम्बुलेंस की सेवा राष्ट्रीय सुरक्षा. आतंकी हमले. गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस जैसे समारोहों में अति विशिष्ट व्यक्तियों को आकस्मिक त्वरित चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए तैनात की जाती है. ऐसे में किसी निजी कंपनी को इस सेवा को सौंप देने से सुरक्षा को लेकर भी परेशानी बढ सकती है1 उन्होंने सवाल किया कि क्या ज्यादा खर्च होने की दुहाई देकर भविष्य में दिल्ली सरकार अग्निशमन सेवा जैसी संवेदनशील सेवाओं को भी निजी हाथों में सौंप कर जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहेगी

मिश्रा संजीव समरेन्द्र जगबीर1930वार्ता

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