National Education Day 2021: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के बारे में जानिए ये खास बातें

National Education Day 2021: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के बारे में जानिए ये खास बातें

नई दिल्ली, 11 नवंबर: आज राष्ट्रीय शिक्षा दिवस है। भारत के पहले शिक्षामंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती, 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है। मौलाना अबुल कलाम आजाद आजादी के लड़ाई के सिपाही थे, जो स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री बने। वो उस वक्त के बड़े विद्वानों में शामिल थे, जिनको कई भाषाओं का अच्छा ज्ञान था। उनकी जयंती के अवसर पर 2008 से केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाए जाने का फैसला लिया, जिसके बाद हर साल इस दिन को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

Recommended Video

    National Education Day: Om Birla ने Abul Kalam Azad को यूं किया याद | वनइंडिया हिंदी

    azad

    • साल 2008 के बाद से हर साल 11 नंवबर के दिन को शिक्षा दिवस के रुप में मनाया जाता है। पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने 15 अगस्त 1947 से 2 फरवरी 1958 तक देश के शिक्षा मंत्री रहे थे।
    • मौलाना अबुल कलाम आजाद का असली नाम अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन था। उनका जन्म 1888 में और निधन 22 फरवरी 1958 में हुआ था। मौलाना आजाद को भारत सरकार ने साल 1992 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया था।
    • मौलाना आजाद की जयंती के दिन देश के स्कूलों, कॉलेजों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिसमें बच्चों को पढ़ाई की अहमियत के बारे में बताया जाता है।
    • मौलाना आजाद के शिक्षा मंत्री रहते हुए ही देश में 1951 में देश में पहला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और साल 1953 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की स्थापना की गई थी।
    • मौलाना कलाम के वक्त में ही संगीत नाटक अकादमी, ललित कला अकादमी, साहित्य अकादमी, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और साहित्यिक अकादमियां भी स्थापित की गईं।

     मौलाना अबुल कलाम आजाद


    शिक्षा पर कही थीं ये बातें

    मौलाना अबुल कलाम आजाद ने आजादी के बाद देश में शिक्षा के ढांचे को खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वो लगातार देश में शिक्षा में सुधार के लिए काम करते रहे। उनके वक्त में बनाईगई संस्थाएं आज भी देश की शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद हैं।

    मौलाना आजाद ने कहा था कि हमें एक पल के लिए भी यह नहीं भूलना चाहिए कि हरेक व्यक्ति का यह जन्मसिद्ध अधिकार है कि उसे बुनियादी शिक्षा मिले। ये इसलिए भी जरूरी है कि इसके बिना वहएक नागरिक के अधिकार का निर्वहन भी ठीक से नहीं कर सकता। उनका कहना था कि दिल से दी गयी शिक्षा समाज में क्रांति ला सकता है।

    लाइव थीं न्यूजीलैंड की पीएम जेसिंडा, अचानक आ गई उनकी बेटी, वीडियो वायरल

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+