UPSC Topper Zinnia Aurora कौन हैं? IPS बनकर भी नहीं रुकीं, 6वीं रैंक लाकर IFS का सपना किया साकार
UPSC Topper Zinnia Aurora Success Story: UPSC सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। लेकिन अगर किसी के अंदर कुछ कर दिखाने का जज्बा हो तो वह मुश्किल रास्तों को भी आसान बना देता है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है जीनिया अरोरा की, जिन्होंने इस बार संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 6वीं रैंक हासिल कर टॉपर्स 10 की सूची में जगह बना ली है।
दिलचस्प बात यह है कि पहले प्रयास में UPSC CSE 2024 में AIR 156 पर IPS (भारतीय पुलिस सेवा) बनीं। लेकिन, अपने सपने भारतीय विदेश सेवा (IFS) को पूरा करने के लिए दोबारा परीक्षा दी और शानदार छलांग लगाई। उनकी कहानी मेहनत, समाज सेवा और दृढ़ संकल्प की जीती-जागती मिसाल है। आइए करीब से जानते हैं सफलता की पूरी कहानी...

Zinnia Aurora Story: जीनिया अरोरा का सफर- ब्यूरोक्रेट परिवार से वैश्विक नेता तक
- जीनिया अरोरा का परिवार प्रशासनिक सेवा से जुड़ा रहा है। उनके माता-पिता दोनों ही सिविल सर्वेंट हैं। बचपन से ही उन्होंने घर में पब्लिक सर्विस और प्रशासन से जुड़ी बातें सुनीं और देखा। यही माहौल उनके लिए प्रेरणा बना और उन्होंने भी सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया।
- उनकी स्कूली शिक्षा दिल्ली के प्रतिष्ठित संस्कृति स्कूल से हुई है। जीनिया बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थीं और अक्सर अपनी कक्षा में टॉप करती थीं। स्कूल के दौरान ही उन्होंने लीडरशिप और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

- स्कूल के बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। यहां उन्होंने पॉलिटिकल साइंस, गवर्नमेंट और इकोनॉमिक्स के साथ बैचलर ऑफ आर्ट्स की पढ़ाई की। कॉलेज में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा और वह अपनी बैच की टॉपर रहीं। इसके अलावा वह स्टूडेंट काउंसिल की रिप्रेजेंटेटिव भी चुनी गईं।
- कॉलेज के दिनों में ही उनके अंदर समाज सेवा का जुनून और मजबूत हो गया। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर PeaceX नाम का एक NGO शुरू किया। यह संगठन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति, सहयोग और सकारात्मक विकास को बढ़ावा देने के लिए काम करता है और दुनिया भर की संस्थाओं के साथ मिलकर प्रोजेक्ट्स पर काम करता है।

- जीनिया का अनुभव सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ भी काम किया है। वह UN Environment Programme से जुड़ी रहीं, जहां उन्होंने ग्रीन इकोनॉमी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स में भूमिका निभाई। इसके अलावा UNDP के साथ भी वह स्टेकहोल्डर रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर काम कर चुकी हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर युवाओं का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
- कॉर्पोरेट सेक्टर में भी उन्होंने अनुभव हासिल किया है। जीनिया Unilever में मैनेजमेंट ट्रेनी के तौर पर काम कर चुकी हैं। खास बात यह रही कि HR फंक्शन में वह पहली और इकलौती नॉन-MBA हायरिंग थीं।

UPSC में दोहरा कमाल
- CSE 2024 में पहले प्रयास में AIR 156 हासिल कर IPS बनीं। लिखित में 767 और इंटरव्यू में 206 अंक के साथ कुल 973 मार्क्स प्राप्त किए। पहली पसंद IFS होने के बावजूद रैंक के कारण IPS मिली।
- IFS में जाने के मजबूत इरादे से उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और CSE 2025 में AIR 6 हासिल कर इतिहास रच दिया। यह उनकी तीसरी या लगातार मेहनत का नतीजा है, जिसमें सेल्फ-स्टडी, कोचिंग (जैसे ForumIAS, IAS Hub आदि) और अनुशासन शामिल रहा।
जीनिया की सफलता बताती है कि अगर जुनून हो और 100% प्रयास हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। चाहे वह IPS से IFS की छलांग हो या वैश्विक मंच पर समाज सेवा।












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