Success Story: 12 सहेलियां एक साथ बनने वाली हैं UP पुलिस कांस्टेबल, खाकी वर्दी से बस एक कदम दूर
Success Story in Hindi: कामयाबी की यह कहानी अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुकी है। सब कुछ ठीक रहा तो वो दिन दूर नहीं जब ये 12 सहेलियां भी उत्तर प्रदेश पुलिस की खाकी वर्दी में नजर आएंगीं। हम बात कर रहे हैं मुरादाबाद के नेताजी सुभाषचंद बोस स्टेडियम सोनकपुर में यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2024 की तैयारी कर रहीं 12 युवतियों की।
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में कोच शुभम पाल और जयललिता चौहान ने बताया कि ये सभी 12 युवतियां मुरादाबाद की रहने वाली हैं। अलग-अलग स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई की है, मगर यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा की तैयारी एक साथ करने पर इनमें गहरी दोस्ती हो गई। खास बात है कि सभी ने कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की लिखित परीक्षा पास कर ली।

कोच शुभम पाल ने कहा कि सभी सहेलियों ने लिखित परीक्षा में अच्छे नंबर हासिल किए हैं। सभी के 210 से 230 के आस-पास नंबर आए हैं। 11 फरवरी तक दौड़ हुई है। महिलाओं की 24 सौ मीटर की दौड़ में भी सभी 12 सहेलियों ने बाजी मार ली। अब दस्तावेजों की जांच व मेडिकल बाकी है। दोनों कोच सभी युवतियों का चयन लगभग फाइनल मान रहे हैं।

UP Police Constable: दिसंबर 2024 में ट्रेनिंग पर आई थीं सभी 2 सहेलियां
कोच शुभम पाल ने बताया कि निधि, ज्योति, दीपिका, जोली, हिमांशी, सोनी, मनीषा, मोना, नीतू, मंजू, स्वाति, प्रिया व अंजलि दिसंबर 2024 से नेताजी सुभाषचंद बोस स्टेडियम सोनकपुर मुरादाबाद में शारीरिक दक्षता का प्रशिक्षण लेनी आई थीं। अब दौड़ पास करने के बाद मेडिकल टेस्ट का इंतजार कर रही हैं।
खास यह कि इस सपने को पूरा करने के लिए सभी ने अपने-अपने स्तर पर कड़ी मुश्किलों का सामना किया है। किसी ने आर्थिक मुश्किल झेली तो किसी ने लोगों का विरोध सहा। वे चाहती हैं कि वर्दी पहनकर न केवल परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करें बल्कि उनका सिर भी गर्व से ऊंचा करें। प्रदेश भर में इन दिनों यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा की शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित हो रही है।
पहले प्रयास में ही सभी सहेलियों को मिली सफलता
कोच शुभम पाल ने बताया कि सभी युवतियों ने पहली ही बार परीक्षा में हिस्सा लिया है। सभी अलग-अलग बैकग्राउंड से हैं लेकिन अभ्यास के दौरान ही उनके में गहरी दोस्ती भी पनपी। सभी ने एक दूसरे को प्रोत्साहित किया और सभी एक साथ सफल भी हुईं। इन लड़कियों ने स्टेडियम में डटकर अभ्यास किया। कोच शुभम पाल और जयललिता ने बताया कि युवतियां सुबह-सुबह नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम आती थीं। तीन से अधिक घंटे, दौड़ के अभ्यास को देती थीं। दौड़ने की सही तकनीक और समव सीमा में दौड़ पूरी करने के लिए भी युवतियों ने खूब मेहनत की।
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