Success Story: कौन हैं रितेश अग्रवाल, जिन्होंने सिम कार्ड बेचकर खड़ी की करोड़ों की कंपनी, PM भी हैं मुरीद
कहते हैं अगर खुद पर भरोसा हो तो इंसान अपने सपने को हकीकत में बदल ही देताहै, जिसकी मिसाल हैं रितेश अग्रवाल, उनकी प्रतिभा के मुरीद तो खुद पीएम मोदी हैं।

OYO Founder Ritesh Agarwal Profile: देश के Youngest Self Made Billionaire के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले ओयो रूम्स के फाउंडर रितेश अग्रवाल एक बार फिर से सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं, वजह उनका कोई नया बिजनेस या कंपनी नहीं है बल्कि उनकी शादी है, दरअसल वो मार्च 2023 में विवाह करने जा रहे हैं और इसलिए वो अपनी होने वाली पत्नी और मां के साथ पीएम मोदी को शादी का कार्ड देने पहुंचे थे। पीएम मोदी भी उनसे और उनके परिवार से बड़े प्रेम से मिले, इस मुलाकात की तस्वीरें खुद रितेश अग्रवाल ने अपने सोशल अकाउंट पर पोस्ट की हैं, जिसमें से एक फोटो में वो पीएम मोदी के पैर छूते भी दिख रहे हैं।

अपने दम पर करोड़ों की कंपनी खड़ी की
इस तस्वीर के वायरल होते ही लोग रितेश की तारीफ करते थक नहीं रहे हैं। लोग उनकी सादगी और शालीनता की बातें कर रहे हैं, हालांकि रितेश अग्रवाल की पत्नी के बारे में ज्यादा जानकारी तो मिल नहीं पाई है लेकिन तस्वीरों में वो काफी सुंदर और खुश दिख रही हैं। आपको बता दें कि रितेश अग्रवाल ने अपने दम पर करोड़ों की कंपनी खड़ी की है।
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PM मोदी ने किया था 'मन की बात' में जिक्र
कहते हैं ना इरादे नेक और खुद पर भरोसा हो तो इंसान अपने सपने को हकीकत में बदल ही लेता है, जिसकी जीती जागती मिसाल हैं रितेश अग्रवाल, उनकी प्रतिभा के मुरीद तो खुद पीएम मोदी हैं, जिन्होंने 'मन की बात' कार्यक्रम में उनका जिक्र किया था।
मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं रितेश
आपको बता दें कि साल 1993 में ओडिशा में जन्मे रितेश अग्रवाल एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके मम्मी-पापा उन्हें इंजीनियर बनाना चाहते थे और इसलिए उनके दसवीं पास करते ही उन्होंने उन्हें कोटा पढ़ने के लिए भेजा था लेकिन रितेश का मन वहां लगा नहीं और वो कोटा से दिल्ली चले आए।

रितेश को सड़कों पर सिमकार्ड बेचने पड़े थे
जिस बात का घर में काफी विरोध भी हुआ था। लेकिन अपने सपनों को पूरा करने के लिए रितेश ने इन बातों की परवाह नहीं की, आपको बता दें कि जिस वक्त वो दिल्ली गए थे तब उनकी जेब में मात्र 30 रु थे। 19 साल की उम्र में बड़े बिजनेस का सपना देखना और उसे पूरा करना बिल्कुल भी आसान नहीं था लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी लेकिन तब जीविका चलाने के लिए रितेश को सड़कों पर सिमकार्ड भी बेचने पड़े थे।
कंपनी का नाम रखा OREVAL Stays
और इसी दौरान उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें साल 2013 में थिएल फेलोशिप के लिए चुना गया, इसी फेलोशिप में उन्हें 75 लाख रु मिले थे और यहीं से उनकी लाइफ ने टर्न लिया और उन्होंने इसी पैसे से स्टार्टअप की शुरुआत की और कंपनी का नाम रखा OREVAL Stays, जो कि सस्ते दामों में लोगों को हर छोटे -बड़े शहरों होटल बुकिंग की सर्विस देता है।
करोड़ों लोगों के लिए मिसाल बन गए रितेश
हालांकि इस नाम से उन्हें ज्यादा फायदा नहीं हुआ तो इसके बाद उन्होंने इस कपंनी का नाम बदलकर OYO रूम्स कर दिया, जिसने सफलता का नया इतिहास ही लिख दिया और मात्र 8 सालों में ये कंपनी 75 हजार करोड़ की बन गई और आज ये कंपनी 80 देशों में अपना बिजनेस कर रही है, जो रितेश कल तक घर में नकारा कहे जाते थे वो आज करोड़ों लोगों के लिए मिसाल बन गए हैं।
1.1 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक हैं रितेश
वो आज खुद 1.1 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक हैं। सफलता के शीर्ष पर भी पहुंचकर रितेश अपनी जमीन और संस्कारों को नहीं भूले हैं, वो आज भी सादगी पूर्ण जीवन ही व्यतीत करते हैं।
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