IAS Medha Rupam: नोएडा की पहली महिला DM के परिवार में हैं 8 अफसर, ट्रेनिंग में किस IAS से हुआ प्यार?
IAS Medha Rupam: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) की कमान अब एक तेज-तर्रार और अनुभवशील महिला अधिकारी के हाथों में है। आईएएस मेधा रूपम ने नोएडा की नई डीएम के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। इसके साथ ही वे नोएडा की पूर्णकालिक महिला जिलाधिकारी बनने वाली पहली अधिकारी बन गई हैं।
मेधा रूपम की कहानी सिर्फ प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं है। यह एक शूटिंग चैंपियन से लेकर शीर्ष प्रशासनिक पद तक के सफर, परिवार में आठ आईएएस-आईपीएस-आईआरएस जैसे अफसरों की मौजूदगी और एक अनोखी प्रेम कहानी से भी जुड़ी है, जिसकी शुरुआत मसूरी में ट्रेनिंग के दौरान हुई थी।

कासगंज से नोएडा तबादला, नए जिले की जिम्मेदारी संभाली
कासगंज से नोएडा स्थानांतरण के साथ उन्होंने नए जिले का कार्यभार संभाला है। इससे पहले वे ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी और हापुड़, कासगंज जैसी जगहों पर डीएम रह चुकी हैं। नोएडा के पूर्व डीएम मनीष वर्मा को प्रयागराज भेजा गया है।
परिवार में प्रशासनिक परंपरा, खुद भी बनीं मिसाल
मेधा रूपम का जन्म 21 अक्टूबर 1990 को हुआ। सरकारी रिकॉर्ड में गृह जिला तिरुवनंतपुरम लिखा हुआ है। इनके आईएएस पिता की पोस्टिंग के चलते उनका बचपन केरल में बीता। उनके पिता ज्ञानेश कुमार गुप्ता 1988 बैच के केरल कैडर के आईएएस हैं, जो 2025 में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) बने हैं। घर में सिर्फ पिता ही नहीं, बहन अभिश्री (IRS), जम्मू निवासी उनके पति अक्षय लबरू, फूफा समेत कुल आठ सदस्य आईएएस, आईपीएस व आईआरएस जैसे अफसर बन चुके हैं।
नेशनल शूटर से अफसर बनने तक
स्कूली दिनों में मेधा की पहचान एक नेशनल लेवल शूटिंग चैंपियन के रूप में बनी। उन्होंने 2008 में केरल स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में तीन गोल्ड मेडल जीतकर राज्य का रिकॉर्ड तोड़ा था। बाद में उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स में स्नातक किया और शूटिंग से फोकस हटाकर सिविल सेवा की ओर रुख किया।
पिता से मिली प्रेरणा, यूपीएससी में टॉप रैंक
पिता से प्रेरित होकर मेधा ने साल 2013 में सिविल सेवा परीक्षा दी और ऑल इंडिया 10वीं रैंक के साथ यूपी कैडर में चयनित हुईं। बचपन से आईएएस बनने का सपना देख रहीं मेधा ने इस मुकाम को अपने पहले ही प्रयास में हासिल किया।
ट्रेनिंग से तबादलों तक साथ-साथ चला प्यार
मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशिक्षण के दौरान उनकी मुलाकात आईएएस मनीष बंसल से हुई, जिनकी 2013 बैच में 53वीं रैंक थी। दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली। बाद में विवाह किया और अब दोनों के दो बच्चे हैं। इत्तेफाक ऐसा रहा कि बरेली, मेरठ, उन्नाव और लखनऊ जैसी जगहों पर दोनों की पोस्टिंग एक के बाद एक साथ होती गई। मनीष बंसल मूलरूप से पंजाब के छोटे से शहर संगरूर के रहने वाले हैं।
IAS मेधा रूपम का सेवा रिकॉर्ड
- नाम: श्रीमती मेधा रूपम
- जन्म तिथि: 21 अक्टूबर 1990
- कैडर: उत्तर प्रदेश (UP), बैच 2014
- शैक्षणिक योग्यता: बी.ए. (अर्थशास्त्र), सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली
- UPSC रैंक: ऑल इंडिया रैंक 10 (वर्ष 2013)
- आईएएस में नियुक्ति: 3 सितंबर 2014
- गृह जिला: तिरुवनंतपुरम (केरल)
- वर्तमान पद: डीएम एवं जिला कलेक्टर, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) यूपी
- वेतनमान: ₹15,600-39,100, ग्रेड पे ₹7,600 (मैट्रिक्स लेवल-12)
अब तक की प्रमुख पोस्टिंग
- प्रशिक्षण, मसूरी (2015)
- सहायक मजिस्ट्रेट, बरेली
- संयुक्त मजिस्ट्रेट, मेरठ व उन्नाव
- संयुक्त निदेशक, यूपीएएएम, लखनऊ
- विशेष सचिव, महिला कल्याण विभाग, लखनऊ
- मुख्य विकास अधिकारी, बाराबंकी
- अपर आयुक्त, मेरठ
- जिलाधिकारी, हापुड़
- ACEO, ग्रेटर नोएडा
- जिलाधिकारी, कासगंज
- वर्तमान: जिलाधिकारी, गौतमबुद्ध नगर (28 जुलाई 2025 से)












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