Garima sharma SDM: पति-पिता की मौत के बाद 50 की उम्र में गरिमा शर्मा इस स्ट्रेटेजी से बनीं RAS Topper
Garima Sharma SDM Bagoda Jalore Rajasthan: राजस्थान प्रशासनिक सेवा 2021 बैच की आरएएस अफसर गरिमा शर्मा वर्तमान में जालौर जिले के बागोड़ा में उपखंड अधिकारी पद पर कार्यरत हैं।
RAS Garima Sharma Motivational Story: शादी के बाद गरिमा शर्मा की जिंदगी में साल 2016 तक सब कुछ ठीक चल रहा था। पढ़ाई छोड़े वर्षों हो गए थे। पति चाहते थे कि वो अफसर बनें, मगर पति ने अचानक साथ छोड़ दिया। उनकी मौत ने गरिमा शर्मा को बुरी तरह से तोड़ दिया।
पति की मौत से गमजदा गरिमा शर्मा ने उनका सपना पूरा करने की ठानी। 14 साल बाद किताबें दुबारा उठाईं। आरपीएससी की आरएएस भर्ती परीक्षा की तैयारियों में जुट गईं। साल 2016 में पहले प्रयास में आरएएस परीक्षा क्रैक भी कर दी। आरटीएस में चयन हुआ। तहसीलदार बनीं।

राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की अफसर गरिमा शर्मा की जिंदगी संघर्षपूर्ण व सक्सेस स्टोरी काफी मोटिवेशनल है। गरिमा को आरएएस ही बनना था। इसलिए 2016 में तहसीलदार बनने के बावजूद मेहनत करना नहीं छोड़ा। आरएएस 2018 की तैयारी में जुट गईं।
एक इंटरव्यू में गरिमा शर्मा ने बताया कि आरएएस 2018 की प्री पास करने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा और मुख्य परीक्षा की तैयारी के दौरान बहुत मुश्किल वक्त भी देखा। उस समय पिता की मौत हो गई थी। गरिमा ने फिर भी मेहनत करना नहीं छोड़ा।
आरएएस 2018 का रिजल्ट आया तो पूरे राजस्थान में गरिमा शर्मा को 287वीं रैंक मिली। विधवा श्रेणी में गरिमा शर्मा आरएएस टॉपर रहीं। तीन साल बाद 2021 में बतौर आरएएस अधिकारी राजस्थान प्रशासनिक सेवा ज्वाइन की।
कौन हैं आरएएस गरिमा शर्मा?
- आरएएस गरिमा शर्मा का होम टाउन राजस्थान की राजधानी जयपुर है।
- 24 सितम्बर 1971 को जन्मी RAS गरिमा शर्मा ने PhD की उपाधि भी ले रखी है।
- वर्तमान में गरिमा शर्मा जालोर जिले के बागोड़ा में SDM पद पर सेवाएं दे रही हैं।
- HCM RIPA जयपुर में ट्रेनिंग के बाद गरिमा शर्मा आरएएस को पहली पोस्टिंग जोधपुर असिस्टेंट कलेक्टर (ट्रेनी) पद पर मिली।
50 की उम्र में आरएएस कैसे बनीं गरिमा शर्मा?
यूं तो आरएएस परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थियों की नयूनतम व अधिकतम आयु सीमा तय है। कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम उम्र 40 साल है, मगर विधवा कोटे में विशेष छूट है। विधवा महिलाओं के लिए कोई ऊपरी सीमा तय नहीं है। ये रिटायरमेंट की उम्र से पहले तक आरएएस परीक्षा में हिस्सा ले सकती हैं।
क्यों चर्चा में हैं SDM Garima Sharma?
बीते दिनों अरब सागर से उठा चक्रवाती तूफान बिपरजॉय राजस्थान भी आया तो आरएएस गरिमा शर्मा ने जालोर जिले के बागोड़ा में एसडीएम रहते हुए शानदार काम किया। तूफान से अनेक लोगों की जान बचाने के लिए कई अहम कदम उठाए। ऐसे में आरएएस बनने के 2 साल बाद एक बार फिर से गरिमा शर्मा की सक्सेस स्टोरी चर्चा में आ गई।
गम में भी मेहनत करना नहीं छोड़ें
50 साल की उम्र में आरएएस बनने वालीं गरिमा शर्मा की सक्सेस स्टोरी लोगों के लिए भी मिसाल है, जो अपनों को खो देने के बाद टूट जाते हैं और अपने लक्ष्य को हासिल करने करने के लिए मेहनत करना छोड़ देते हैं।
आरएएस गरिमा शर्मा की रणनीति
मीडिया से बातचीत में गरिमा शर्मा ने बताया कि कोई भी लक्ष्य ऐसा नहीं जिसे हासिल नहीं किया जा सकता। जरूरी है कि अपनी ताकत को पहचानें और उसे अधिक मजबूत बनाएं। साथ ही अपनी कमियों का भी पता लगाएं और उनमें धीरे-धीरे सुधार करते जाएं।












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