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7 साल की जद्दोजहद के बाद ये महिला बनीं पायलट, सोशल पर वायरल हो रही इनकी कहानी

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    नई दिल्ली। जन्म लेने और स्कूल के चौघट तक पहुंचने के बाद से जिंदगी की जद्दोजहद शुरू हो जाती है। कुछ लोग बोलते हैं तुम डॉक्टर बनना तो कुछ इंजीनियर बनने की सलाह देते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी सफल स्टोरी के बारे में बताएंगे जिन्होंने इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत लिया है। सफलता की एक नई मिशाल पेश करने वाली मुंबई की अंकिता, जिन्होंने अपने लक्ष्य को पाने के लिए क्या कुछ नहीं किया। बेरोजगारी के दिन भी देखीं और 15-15 घंटे तक काम भी किया। आइए जानते हैं अंकिता को अपने लक्ष्य को पाने के लिए किन-किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा।

    पायलट कोर्स करने के लिए लिया 25 लाख का लोन

    पायलट कोर्स करने के लिए लिया 25 लाख का लोन

    ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे के फेसबुक पेज पर अंकिता के बताए बातों को शेयर किया है। इसमें अंकिता ने बताया है कि वो पायलट बनना चाहती थी। जिसका कोर्स करने के लिए यूएस जाना पड़ता। पारिवारिक स्थिति वैसी नहीं थी कि 25 लाख रुपए इकट्ठे हो सके। लेकिन माता-पिता ने उनकी बातों को सुना और गंभीरता से लिया। अंत में बैंक से लेकर अंकिता कोर्स करती हैं। लेकिन कोर्स करने के लिए अंकिता को पापड़ बेलने पड़ते हैं। फिर भी कोर्स पूरा हो जाता है।

    जब झेलने पड़े रिश्तेदारों के टॉन्ट

    जब झेलने पड़े रिश्तेदारों के टॉन्ट

    अंकिता ने बताया कि कोर्स और ट्रेनिंग खत्म होने के बाद अब नौकरियां खोजने के दौरा शुरू होता है। लगातार दो साल तक घर बैठकर नौकरियों के लिए आवेदन करती रही लेकिन कही भी मौका नहीं मिला। बेरोजगार हो कर बैठना रिश्तोदारों के लिए मौका था। कुछ ने कहा कि माता-पिता ने इतना पैसे खर्च किया है। इससे अच्छा होता तुम डॉक्टर या इंजीनियर बन गई होती। हालांकि अंकित इन सब बातों को सुनती जरूर थी लेकिन दिमांग में कभी नहीं बैठाया। दो साल के इस दौर में उन्होंने दुनिया की असली सच्चाई देखी। यहां तक की घर पर बैठे-बैठे बोर होने के बाद अंकिता किसी भी पोस्ट के लिए नौकरी करने के लिए तैयार हो जाती हैं। वो बताती हैं कि एयरहोस्टेस पोस्ट के लिए उन्होंने चार बार अप्लाई किया था लेकिन नहीं हो पाया। लेकिन पांचवें प्रयास में वो सफल हो जाती है। ज्वाइनिंग के कुछ दिन बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ाने भी मिल गई। फिर भी वो संतुष्ट नहीं थी क्योंकि उनको तो पायलट बनना था।

    पायलट परीक्षा की तैयारी के लिए बन गई ग्राउंड स्टॉफ

    पायलट परीक्षा की तैयारी के लिए बन गई ग्राउंड स्टॉफ

    अंकिता अपने लक्ष्य को लेकर हमेशा परेशान रहती थी। उनको नौकरी जरूर मिल गई थी लेकिन सपना अधूरा था। इसके बाद अंकिता ने पढ़ाई के लिए समय मिल सके इसके लिए उन्होंने ग्राउंड स्टॉफ बनाने के लिए आवेदन किया। पायलट बनने के लिए पांच परीक्षाएं पास करनी होती है। लेकिन अंकिता ने 15 घंटे की शिफ्ट होने के बाद भी तैयारी करनी पड़ी। यहां तक की ट्रेनों, बसों, वाशरूम और खाना खाते समय भी पढ़ाई करनी पड़ी। आखिरी में अंकिता ने पायलट की परीक्षा पास कर ली। अब अंकित को पायलट की वर्दी मिल गई है। उनकी पहली उड़ान बड़ौदा से थी। तो ये थी अंकित के सफलता के पीछे की सच्चाई। एक दिन ऐसे भी आ गए थे जब अंकिता के पास केवल 600 रुपए थे लेकिन आज 27 साल की अंतिक के पास नौकरी भी है और पैसा भी।

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    English summary
    A woman fought for 7 years to become a pilot, his inspiring story winning the internet

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