• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

कीड़ा जड़ी के बदले डोकलाम से हटने पर राजी हुए चीनी सैनिक

By Mohit
|

डोकलाम से चीन की सेना पीछे हट गई। भारत के लिए ये एक बड़ी कूटनीतिक जीत है। लेकिन अंगद की तरह डोकलाम में पैर जमाए खड़ा चीन एकदम से पीछे जाने को तैयार कैसे हो गया? ऐसा क्या हुआ कि चीन डोकलाम से चला गया! चीन पीछे क्यों हटा ये सवाल कुतुबमीनार की तरह लंबा और हिमालय की तरह बड़ा है। सवाल इतना गंभीर है तो इसका जवाब भी कोई गंभीर व्यक्ति ही दे सकता है।

कीड़ा जड़ी के बदले डोकलाम से हटने पर राजी हुए चीनी सैनिक

चीन के डोकलाम से चले जाने पर कई बुद्धिजीवी अपनी अलग-अलग राय रखे रहे हैं। दुनिया कुछ भी तर्क दे, लेकिन हमारे फर्जी वाले कथित बुद्धिजीवी ने अपनी कड़ी मेहनत से इसका जवाब ढूंढ लिया है। कुल्लु भाई का कहना है कि वो पिछले कई दिनों से इसी बात पर ध्यान रखे हुए थे कि आखिर चीन पीछे कैसे चला गया। हमसे खास बातचीत में कुल्लु भाई ने बताया कि यह एक बहुत ही गुप्त कदम था, कुछ दिन पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल चीन गए और उन्होंने चीन वालों को लालच दिया। डोवाल के लालच में फंसकर चीन वाले खरगोश की रफ्तार से वापस अपने देश में चले गए।

कुल्लु भाई के मुताबिक डोवाल ने चीन वालों को कीड़ा जड़ी(ताकत बढ़ाने की एक जड़ी बूटी है) देने का वादा किया। कीड़ा जड़ी का नाम सुनते ही चाइना वाले ऐसे खुश है जैसे भरी मेट्रो में सीट मिलने पर यात्री खुश होते हैं। कीड़ा जड़ी होती क्या है ये आपको बाद में बताएंगे, पहले बताते हैं चीन को इसकी जरुरत क्यों है।

कुछ समय पहले चीनी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स और साउथ चाइना पोस्‍ट में चीनी सैनिकों की हालात बीमारू हालत का खुलासा किया था। चीनी अखबार के दावे के मुताबिक चीन में 56 फीसदी युवा सेना में भर्ती के काबिल नहीं हैं, वहीं 17 फीसदी युवा चीनी सैनिक ब्लड और यूरीन टेस्ट में फेल पाए गए। 46 फीसदी चीनी युवाओं की आंखे कमजोर हैं। चीनी सेना में भर्ती के लिए 28 फीसदी सैनिकों में किडनी की बीमारी है।

जिस तरह रामायण में हिमालय पर गए हनुमान जी को संजीवनी बूटी की जरुरत थी, उसी तरह चीन को कीड़ा जड़ी की सख्त जरुरत है। चीन अपनी ताकत को बढ़ाना चाहता है और कीड़ा जड़ी चीन के लिए बड़ी भूमिका निभा सकती है।

कीड़ा जड़ी उत्तराखंड की पहाड़ियों में पाई जाती है, इसका इस्तेमाल ताकत बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। यह कीड़ा जड़ी हिमालय की पहाड़ियों में पाई जाती है। इसकी तलाश आसान नहीं होती है। इसकी कीमत 10 लाख प्रति किलोग्राम है। ताकत बढ़ाने के साथ-साथ कीड़ा-जड़ी का इस्तेमाल यौन उत्तेजना बढ़ाने वाले टॉनिक के रूप में भी किया जाता है।

(इस खबर में कुल्लु भाई की बातों पर भरोसा करना वैसा ही जैसा कि किसी नेता के चुनावी भाषणों पर भरोसा करना। यह एक व्यंग्य है।)

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
satire Doklam standoff between India, China over before visite of prime minister modi
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
X