मोदी और आबे को देख चीन के राष्ट्रपति को आया बुखार, भारत से मंगवाई रामदेव की दवाइयां
साबरमति नदी किनारे जब मोदी और आबे मिल रहे थे तो चीन की नजर भी इस पर थी। मोदी को आबे के गले मिलते देखा तो चीन के राष्ट्रपति के गुस्से की गर्मी बढ़ गई। गर्मी इतनी बढ़ी की अगर आप अंड़ा फेंक देते तो ऑमलेट बन जाता। ऑमलेट नहीं बन पाया क्योंकि चीन के राष्ट्रपति ने अंड़े खाने का कोई काम नहीं किया है। खैर मुद्दे पर आते हैं और बात करते हैं चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग।


दुखी है चीन
चीन को अब दुख सता रहा है कि वो पाकिस्तान की मदद करता रह गया और भारत बुलेट ट्रेन ले गया। कहा जाता है कि शी चिनफिंग के गुस्से के कारण उनकी सेहत भी बिगड़ गई। राष्ट्रपति की सेहत इतनी बिगड़ी की उनकी आंखे बंद हो गई। चीन का कोई भी डॉक्टर कुछ नहीं कर सका। तभी चीन वालों को किसी ने बताया कि भारत में एक बाबा है जो कई तरह की बीमारियों का इलाज कर सकता है।

योग की शक्ति
बाबा रामदेव के योग की शक्ति को जानकार चीन वाले बहुत खुश हुए और उन्होंने रामदेव से संपर्क किया। चीन वाले चीनी भाषा में बोलते हैं वहीं रामदेव हिंदी में बोलते हैं। भाषा के कारण कोई किसी की बात नहीं समझ पाया। रामदेव ने साफ किया आज हिंदी दिवस है चाहे कुछ भी हो जाए वो हिंदी भाषा के अलावा कोई भी भाषा नहीं बोलेंगे।

चीन की चाहत
चीनी वाले चाहते थे कि शी चिनफिंग की सेहत को सुधारने के लिए रामदेव को आयुर्वेदक दवाई दे। कई घंटों बाद जब रामदेव को ये समझ में आया तो रामदेव ने कहा कि ठीक है वो चीनी के लोगों के साथ बात कर लेंगे। लेकिन रामदेव ने शर्त रख दी।

रामदेव की शर्त
रामदेव ने चीन के सामने शर्त रखी की चीन को भारत में चाऊमीन बंद करनी होगी। बाबा के मुताबिक चाऊमीन से देश के युवाओं की सेहत गिर रही है। बाबा चाहते हैं कि देश के युवाओं को पतंजलि से बने पदार्थ खाने चाहिए।

रामदेव का कमाल
बिस्तर पर लेटे हुए चीन के राष्ट्रपति की आंखों पर दूध की बर्फ लगा दी। राष्ट्रपति तुरंत उठ गए और उनकी आंखें भी खुल गई। ये देखकर चीन वाले बहुत खुश हुए और तालियां बजने लगी। चीन के कई बड़े नेताओं ने बाबा को सम्मानित करने की बात भी की।

चीनी के राष्ट्रपति गुस्सा हो गए
तभी शी चिनफिंग ने पूछा मामला क्या है। जब शी चिनफिंग को बताया गया कि वो बेहोश हो गए थे। इस बाबा को भारत से स्पेशल बुलाया गया है। आपके इलाज के लिए ये सुनते ही चीनी के राष्ट्रपति गुस्सा हो गए और गालियां देने लेगे। उन्होंने कहा- मैं सो रहा था। इस बाबा ने मेरी नींद खराब कर दी। बाबा को गिरफ्तार किया जाए।

भाग गए बाबा
बाबा ने जैसे ही ये सुना बाबा वहां भाग गए। बताया जाता है कि बाबा की स्पीड़ जापान और चीन की बुलेट ट्रेन से भी तेज थी। बाबा को कोई भी नहीं पकड़ पाया। चीन वाले हैरान है कि कोई इतना तेज कैसे दौड़ सकता है।

बाबा की नहीं है कोई खबर
बाबा को भागते देख चीन वालों ने फिर से बाबा से संपर्क करने की योजना बनाई। लेकिन बाबा ने मना कर दिया। बाबा ने कहा कि जान बचाने के लिए ऐसा किया है। वरना हम तो और भी तेज भागते हैं।
(यह एक व्यंग्य है, इसका सच से कोई लेना देना नहीं है।)












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