संता को प्यार हुआ
एक बार संता को प्यार हो गया। मन ही मन गुनगुनाता रहता और ख्वाब सजाता रहता।
एक दिन संता ने बंता से कहा- यार मुझे प्यार हो गया
बंता- किससे?
संता- नाम नहीं पता!
बंता- क्या करती है?
संता- यार सामने वाले बैंक में कैशियर है!
बंता- अरे... मुझे उसका नाम मालूम है
संता- क्या है जल्दी बताओ न
बंता- जिस सीट पर वो बैठती है, वहां नेम-प्लेट लगी है "चालू खाता"
एक बार संता को घोड़े ने लात मार दी। संता को गुस्सा आ गया और उसने घोड़े को दौड़ा लिया।
भागते-भागते घोड़ा जंगल में जा पहुंचा और गुम हो गया
संता भागता रहा और रास्ते में उसे ज़ीब्रा मिला
संता ने उसे पीटना शुरू कर दिया और चिल्ला-चिल्ला कर कहने लगा अबे ट्रैक सूट पहनकर मुझे धोखा दे रहा है!












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