संता और बूट पॉलिश
संता और बूट पॉलिश
एक बार संता विदेश गया। उसने देखा, सड़क किनारे जूते पॉलिश करने की मशीनें लगी थीं। लोग अपना एक पैर मशीन पर जूते सहित रखते, मशीन जूता-पॉलिश कर देती। दूसरा पैर तब तक पॉलिश नहीं होता जब तक वे मशीन मे पैसे नहीं डाल देते। संता ने मशीन में अपना एक पैर डाला, जूता पॉलिश हो गया। संता दूसरे जूते की पॉलिश करवाए बगैर आगे बढ़ गया। आगे फिर उसे एक और वैसी ही मशीन नज़र आई। उसने अपना दूसरा जूता पॉलिश करवाया और चुपचाप आगे बढ़ गया।
संता और कुत्ता
संता बंता से- प्लेटें सही ढंग से धुलती हैं न? बंता - हां, बिल्कुल। ये प्लेटें वाटर से जितनी साफ हो सकती हैं हो जाती हैं। दोपहर को भी बंता ने कहा- वाटर से थालियां जितनी साफ हो सकतीं हैं, हो जाती हैं। शाम को जब संता बाहर घूमने निकला तो .....दरवाजे पर बंधा पालतू कुत्ता भौंकने लगा। बंता: चुप रहो वाटर... ! संताजी तो अपने घर के आदमी है...












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