संता की शादी
संता की शादी
संता (ज्योतिषी से)- महाराज, बताइए मेरी शादी कब होगी?
ज्योतिषी- कभी नहीं होगी।
संता- क्यों?
ज्योतिषी- कैसे होगी? तुम्हारे भाग्य में तो सुख ही सुख लिखा है!
पति को मैसेज बनाकर फॉरवर्ड किया
पत्नी (पति से)- जानू, काश आप मैसेज होते.. मैं आपको सेव करती और जब चाहे पढ़ती!
पति (पत्नी से)- तुम कंजूस की कंजूस ही रहोगी.. ये नही कि मुझे अपनी सभी सहेलियों को फॉरवर्ड करतीं..!!!
पति होना धिक्कार है
पति (पत्नी से)- तुम मेरी जिंदगी हो और..
पत्नी (पति )- और? और क्या? बोलो ना प्लीज!
पति- और.. और धिक्कार है ऐसी जिंदगी पर..
जब मनोचिकित्सक और मरीज
एक मनोचिकित्सक जब अपने क्लीनिक पहुंचा तो उसने वहां दो मरीजों को पाया। एक छत से उल्टा लटका हुआ था जबकि दूसरा ऐसा अभिनय कर रहा था कि जैसे वह कुल्हाड़ी से लकडि़यां काट रहा हो।
डॉक्टर ने अभिनय करने वाले से पूछा - यह आदमी उल्टा क्यों लटका हुआ है ?
उसने हंसते हुए बताया - वह बेवकूफ समझता है कि वह बल्ब है।
डॉक्टर बोला- तुम उसे फौरन नीचे उतारो।
आदमी- उसे नीचे उतार दूं तो फिर मैं क्या अंधेरे में लकडि़यां काटूंगा..?
संता आराम से बैठा था।
बंता (संता से)- कुछ काम करो।
संता (बंता से)- मैं गर्मियों में काम नहीं करता हूं।
बंता- और सर्दियों में?
संता- गर्मियां आने का इंतजार!












Click it and Unblock the Notifications