मर्द वही होता है जिसको दर्द नहीं होता
मर्द अगर औरत पर हाथ उठाये तो जालिम , औरत से पिट जाये तो बुजदिल, औरत को किसी के साथ देख ले तो ईर्ष्यालु, अगर कुछ न कहे तो बेगैरत, घर के बाहर रहे तो आवारा , घर में रहे तो नाकारा ,बच्चों को डांटे तो बुरा , न डांटे तो लापरवाह ! …………….हाय मर्द बेचारा जिसके जीवन में सिर्फ दर्द ही दर्द हैं और उपर से कहते हैं मर्द वही होता है जिसको दर्द नहीं होता।
संता: मैंने थप्पड़ मारकर उसका चेहरा लाल कर दिया.
बंता: क्यों?
संता: उसी ने मुझसे कहा था, थप्पड़ से डर नहीं लगता, प्यार से लगता है।
संता: भैया दो पंखे देना एक लेडीज और एक जेंट्स
दुकानदारः पंखों में लेडीज और जेंट्स नहीं होता
संताः क्यों नहीं होता, एक बजाज का और दूसरा ऊषा का।













Click it and Unblock the Notifications