एसएमएस बने संता

संता: अगर तू मोबाइल होता तो तुझे ऊपर की जेब में रखता, सीने से लगाकर.
प्रीतो: अगर तुम रिंगटोन होते तो तुम्हें दिन भर सुनती रहती.
संता: अगर तू कॉल होती तो तुझे कभी मिस नहीं होने देता.
प्रीतो: अगर तुम एसएमएस होते हमेशा तुम्हें सेव करके रखती, जब मन करता तब पढ़ती.
संता: अरे कंजूस, मुझे सेव ही करके रखती या अपनी किसी सहेली को फॉरवर्ड भी करती.
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संता (बंता से): देख मेरा घर में कितना जलवा है, मेरी बीवी मेरा नाम लेकर नहीं बुलाती.
बंता: नाम नहीं लेती तो क्या कहती है?
संता: वो मुझे 'एजी' कहकर बुलाती है.
बंता: ओह समझ गया, वो तुम्हें शॉर्ट फॉर्म में बुलाती है.
संता: तो फुलफॉर्म क्या है?
बंता: 'एजी' का मतलब अबे गधे.
संता: मेरे पापा इतने लंबे हैं कि वो खड़े-खड़े चलते पंखे को रोक देते हैं.
बंता: मेरे पापा उससे भी लंबे हैं, लेकिन ऐसी बेवकूफी कभी नहीं करते.












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