दिल्‍ली गैंगरेप: सजा पर बहस पूरी, शुक्रवार को आयेगा सबसे बड़ा फैसला

नयी दिल्‍ली (ब्‍यूरो)। आज पूरे देश की नजर राजधानी दिल्‍ली के साकेत कोर्ट पर टीकी थी क्‍योंकि दिल्‍ली गैंगरेप केस में दोषियों पर सजा का ऐलान होना था। मगर अब ये फैसला शुक्रवार तक के लिये सुरक्षित रख लिया गया है और शुक्रवार को 2:30 बजे सुनाया जायेगा। राजधानी की साकेत अदालत मेंएडिशनल सेशन जज योगेश खन्ना ने फैसला शुक्रवार तक के लिए सुरक्षित कर दिया।

बहस के दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट से दोषियों पर रहम न करने की अपील की। वकील ने कहा है कि जिसने खुद दया नहीं की, उस पर दया नहीं की जानी चाहिए। एक तो यह जघन्य अपराध है, दूसरा इसने समाज को झकझोरा है, इसलिए यह दूसरे मामलों से अलग है। वहीं बचाव पक्ष के वकील एपी सिंह ने अदालत से कहा कि उन्‍हें सुधरने का मौका देना चाहिए इसलिये फांसी की सजा ना दी जाये।

Delhi gangrape case
एपी सिंह ने कहा कि फांसी की सजा मूल अधिकारों का हनन है और ऐसे मामलों में उम्रकैद की सजा ही दी जाती है। बलात्कारियों के वकीलों ने भावनात्मक आधार पर भी दोषियों के लिए कम सजा की मांग की। उनका कहना है कि सभी दोषियों की उम्र 30 साल से कम है, वे गरीब परिवार से हैं और परिवार उन पर आश्रित हैं, इसलिए उन्हें फांसी की सजा न सुनाई जाए। अक्षय ठाकुर के वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल अभी 19 साल का है, इसलिए उसके सुधरने की उम्मीद है।

इससे पहले कल कोर्ट ने सभी चार आरोपियों को 13 धाराओं में दोषी करार दिया। पुलिस आज सुबह ही दोषियों को कोर्ट लेकर पहुंच गई थी। मालूम हो कि मामले पर जिरह के लिए 7 महीने में 130 बार अदालत बैठी और सुनवाई पूरी होने के बाद 3 सितंबर को कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस केस में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 85 गवाह पेश किए गए, जिनमें सबसे अहम रहा घटना का चश्मदीद और पीड़ित लड़की का दोस्त।

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